वाराणसी [प्रवीण यश]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में एलबीएस एयरपोर्ट के विस्तार की कवायद तेज हो गई है। हवाई अड्डे के विस्तार के लिए चिन्हित गांवों में भूमि सीमांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्य के लिए उप जिलाधिकारी पिंडरा के आदेश पर लेखपाल, कानूनगो और एयरपोर्ट के अफसरों ने कागजी और कानूनी प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाना शरू कर दिया है। एयरपोर्ट विस्तार के पहले चरण में 350 एकड़ जमीन की मदद से रनवे को लंबा किया जाएगा। इसके लिए पुअरा, खरका, बसनी पठकान समेत कुछ अन्य गांवों के जमीन की जरूरत पड़ेगी। इन गांवों में सीमाकन के बाद जमीनों के दस्तावेज के आधार पर मुआवजे का निर्धारण किया जाएगा।

-कैट-थ्री सिस्टम लगते ही उतरेंगे बड़े विमान हवाई अड्डे के अफसरों के मुताबिक रनवे की लंबाई 2745 से बढ़ाकर 4050 मीटर की जाएगी। एयरस्ट्रिप की लंबाई बढ़ने के बाद यहां ए-310, ए-333 एयरबस और बोइंग- 777 जैसे बड़े व भारी विमान उतर सकेंगे। भूमि मिलते ही आइएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) को अपग्रेड और कैट थ्री प्रणाली को इंस्टाल किया जाएगा। दोनों तकनीकों से लैस होने के बाद कोहरे और भारी बरसात के मौसम में भी विमान उतर सकेंगे। एलबीएस एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या पर गौर करें तो इनकी संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है। जहां वर्ष 2010-11 में 1000-1500 यात्री ही आते थे वहीं वर्तमान में आठ से दस हजार यात्री आ रहे हैं। रनवे की लंबाई बढ़ने के बाद यहां बड़े विमान भी उतर सकेंगे। अभी तक यहां तीन सौ सीटर बोइंग विमान ही उतर पाते हैं। सुरक्षा के लिहाज से रनवे की लंबाई को अंडरपास तक ही रोक दिया जाएगा।

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