मीरजापुर, जेएनएन। जल ही जीवन है, इसके बिना सब निर्जन है। पानी को हम बचायेंगे, देश में खुशहाली लाएंगे। जल को बचाना है, देश को खुशहाल बनाना है। .. हर व्यक्ति ने है ठाना, जल को है अब बचाना। इन्हीं विचारों को लेकर विकास खंड छानबे के ओम प्रकाश जल संरक्षण की मुहिम में जुटे हुए हैं। जल संरक्षण के लिए तालाब के जीर्णाेद्धार के चलते आज विकास खंड छानबे के कामापुर कला, भटेवरा और चतुरिया गांव में लगभग 50 से 60 मीटर तक के दायरे में जल स्तर सुधर गया है। विंध्य के धरा की गोद भी हरी-भरी हो रही है। तालाबों के जीर्णाेद्धार से विंध्य क्षेत्र के भूमि की सेहत सुधर रही है। जल स्तर में सुधार होने से काफी हद तक पेयजल किल्लत से लोगों को निजात मिल रही है।

विंध्य क्षेत्र खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल संकट चिंता का विषय है। विकास खंड छानबे, सिटी, कोन ब्लाक से होकर गंगा नदी गुजरती हैं। बावजूद इसके जल स्तर कम हो रहा है। गर्मी के मौसम में गंगा में भी रेत पड़ने से लोग भावी पीढ़ी के लिए पेयजल किल्लत को लेकर चिंतित हो जाते हैं। विकास खंड छानबे के कामापुर के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश कोल ने भावी पीढ़ी के लिए जल संरक्षित करने की एक छोटी सी मुहिम आरंभ की। इसके चलते उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी मनरेगा योजना के तहत लगभग छह लाख 98 हजार रुपये खर्च करके कामापुर कला स्थित तालाब का जीर्णाेद्धार कराया, जिससे लोगों को गांव में ही रोजगार मिला। प्रधान ओम प्रकाश कोल ने बताया कि जल संरक्षण बहुत जरूरी है। तत्कालीन डीएम अनुराग पटेल, सीडीओ प्रियंका निरंजन व ब्लाक समन्वयक विजय प्रताप सिंह की प्ररेणा से तालाब का जीर्णाेद्धार कराया। इसके चलते आज तालाब से सटे दर्जनों गांवों के जल स्तर में काफी हद तक इजाफा हुआ है। उनके प्रयासों के चलते आज लोग जल संरक्षण के प्रति गंभीर होकर संरक्षित भी कर रहे हैं।

मनरेगा योजना के तहत लोगों को गांव में ही कार्य मुहैया कराया जा रहा है

मनरेगा योजना के तहत लोगों को गांव में ही कार्य मुहैया कराया जा रहा है। विकास खंड छानबे के कामापुर कला, भटेवरा और चतुरिया में जल संरक्षण के उद्देश्य से तालाब का जीर्णाेद्धार कराया गया। वर्तमान समय में तालाब के चलते 50-60 मीटर के दायरे में ग्रामीणों को पेयजल आसानी से मुहैया हो रहा है।

- मो. नफीस, उपायुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा), मीरजापुर।

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