वाराणसी, जेएनएन। फूलपुर के चितौरा गांव में कोरोना का पाजीटिव मरीज मिलने के बाद 21 मार्च की रात से ही तीन गांवों को सील कर दिया गया है। तब से न तो कोई गांवों में जा सकता है न कोई गांव से बाहर जा सकता है। सप्ताह भर इस घटना को होने जा रहे हैं। हालांकि इस दौरान कोई अन्य मरीज सामने नही आया है। लोगों की समस्या को देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर गुरुवार को गांव में गैस सिलेंडर पहुंचाया गया मगर बिजली विभाग गुरुवार को भी ट्यूबवेल का फ्यूज ठीक नहीं कर सका। एसडीओ राहुल सिंह ने जल्द ही ठीक करने की बात कही।

गुरुवार को सुबह चितौरा गांव के एक अन्य युवक को भी खांसी और गले में खरास होने की दिक्कत पर उसे दीनदयाल हॉस्पिटल जांच के लिए भेजा गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. हरिश्चंद्र मौर्य ने बताया कि चितौरा निवासी एक युवक के गले में खरास और खासी की शिकायत होने पर उसे पं. दीनदयाल हॉस्पिटल रेफर किया गया। जहां उसकी जांच की जा रही है। वहीं गांव में अन्य लोगों की स्थिति ठीक है। शाम को गांव पहुंचे एसडीएम पिंडरा मनिकंडन ने तीनों गांवों के लोगों व स्वास्थ्य कर्मियों से मिलकर जानकारी ली। किसी भी परेशानी आने पर फोन करने की बात कही। इस बाबत एसडीएम ने बताया कि गांव में गैस सिलेंडर की समस्या थी जिसे प्रकाश में आने पर आज बंटवाया गया। वहीं, अन्य जरूरत की पूर्ति के साथ राशन वितरण भी तीनों गांव में कराया गया। जिससे खाद्यान्न की समस्या न हो और कोई भूखा न सोए।

काटे नहीं कट रहे ग्रामीणों के दिन :  21 मार्च से गांव में ही कैद हुए ग्रामीण ऊबने लगे हैं लेकिन गांव के बाहर तैनात पुलिसकर्मी के तेवर देख पीछे हट जा  रहे हैं। ओदार के विपिन व विकास सिंह ने बताया कि स्थिति यह है कि गांव का बाजार बंद होने व किसी से मिलने जुलने पर पाबंदी लगने से ऊबन सी होने लगी लेकिन देशहित व समाजहित का फैसला होने के कारण इसे मानना हम सबका कर्तव्य है। यही जज्बा हर ग्रामीणों में दिखा।

Posted By: Abhishek Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस