डांडिया की धुनों पर देर रात तक थिरकती रही काशी, झूमकर नाचे लोग तो देवी गीतों से सजी सुरमयी शाम
आर्य महिला पीजी कॉलेज, वाराणसी में छात्र संघ 'समन्वय' द्वारा 'नवरंग डांडिया महोत्सव' का भव्य आयोजन किया गया। नवरात्रि के ...और पढ़ें
HighLights
आर्य महिला कॉलेज में 'नवरंग डांडिया महोत्सव' का भव्य आयोजन।
छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में डांडिया और नृत्य का आनंद लिया।
सांस्कृतिक गतिविधियों से व्यक्तित्व विकास, नई ऊर्जा का संचार।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नवरात्र के आयोजन के दौरान देर रात डांडिया के आयोजनों से शाम आस्था और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ समृद्ध होता रहा। नवरात्र के पावन अवसर पर आर्य महिला पीजी कालेज में छात्र संघ ‘समन्वय’ द्वारा तीसरे दिन ‘नवरंग डांडिया महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। पूरे परिसर में रंगों, संगीत और उत्साह का अनोखा माहौल छाया रहा।
महोत्सव में छात्राओं के मनोरंजन और उत्साहवर्धन के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नृत्य प्रस्तुतियों ने सबका मन मोह लिया। विभिन्न प्रकार के खेलों में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फेस पेंटिंग और मेहंदी की स्टाल पर लंबी कतारें लगी रहीं। फूड स्टाल्स पर पारंपरिक और आधुनिक व्यंजनों का स्वाद चखते हुए छात्राएं खूब मस्ती करती नजर आईं।

कार्यक्रम में छात्राओं का जोश देखने लायक था। पूरे कालेज परिसर में हर्षोल्लास का वातावरण बना रहा। छात्राएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी डांडिया खेलती और नृत्य करती दिखीं। आयोजन ने पढ़ाई के दबाव से कुछ समय के लिए उन्हें मुक्त कर नई ऊर्जा से भर दिया। इस सफल आयोजन में कालेज की प्राचार्या डा. रचना दुबे और प्रोफेसर डा. विनीता का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा।
दोनों ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। छात्र संघ ‘समन्वय’ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनमें नई ऊर्जा का संचार करना था।
नवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम ने परिसर को रंगीन बना दिया। छात्राओं ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें नई उमंग और जोश से भर देते हैं। पूरे दिन चले इस महोत्सव ने आर्य महिला पीजी कॉलेज के इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ दिया।

थिरके कदम, गूंजी डांडिया की ताल मां के जयकारों से काशी हुई निहाल
श्री अग्रसेन जयंती के अवसर पर श्री काशी अग्रवाल समाज की ओर से अग्रसेन महिला समिति ने डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन मैरिज पाइंट सिगरा में किया। महोत्सव का उद्धघाटन मुख्य अतिथि प्रमुख उद्योगपति केडी अग्रवाल, सुजाता अग्रवाल सभापति संतोष अग्रवाल प्रधानमंत्री डा. रचना अग्रवाल मुख्य संयोजक प्रद्युम्न अग्रवाल ने सजे मां दुर्गा के दरबार में पूजन आरती व दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि डांडिया और गरबा हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति के सुंदर प्रतीक हैं। जब हम एक साथ ताल से ताल मिलाकर गरबा करते हैं, तो यह केवल नृत्य नहीं होता, बल्कि आपसी प्रेम, सहयोग, अनुशासन और एकता का संदेश भी देता है। अलग-अलग आयु वर्ग के लोग जब एक ही मंच पर आनंद और उत्साह के साथ जुड़ते हैं, तो समाज की वास्तविक शक्ति दिखाई देती है।

अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्रम ओढ़ा कर किया। शाम होते ही अग्रवाल समाज के युवा और महिलाएं डांडिया लेकर आकर्षक उत्सवी परिधान में रंग बिरंगी लाइट के बीच माँ दुर्गा का आराधना किया। तत्पश्चात भक्ति संगीत के बीच डांडिया की तान पर बरबस उनके कदम थिरकने लगे। नगाड़ा संग ढ़ोल बजे, छोगाड़ा तारा, नवरात्री में गरबा खेलू पर डीजे की धुन पर युवाओं के डांडिया की तालबद्ध खनखनाहट दूर तक गूंज रहा था।
स्वागत सभापति संतोष अग्रवाल संचालन दीपक अग्रवाल धन्यवाद डा. रचना अग्रवाल ने किया। संयोजन अर्चना अग्रवाल, मालिनी चौधरी, रीता प्रकाश, मुख्य संयोजक प्रद्युम्न अग्रवाल, राजकिशोर चंद्र अग्रवाल, उपसभापति नीरज अग्रवाल, ममता सौमित्र अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सलिल अग्रवाल, आमोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
