वाराणसी, जेएनएन। सुहागिन महिलाएं बुधवार को अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत हैं। काशी में बुधवार को करवा चौथ पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए दिनभर बाजारों में रही महिलाओं की भीड़ रही। वहीं पूजा को खास बनाने के लिए पतियों ने भी पत्नियों के लिए खास इंतजाम किए हैं। शुभ मुहुर्त चतुर्थी तिथि तीन-चार नवंबर को रात्रि 1.03 बजे से प्रारंभ होकर चार-पांच नवंबर को भोर में 2.08 मिनट तक रहेगा। वहीं चंद्रोदय का समय रात्रि 7.57 मिनट पर काशी में है।

शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ का पावन व्रत हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। यह पर्व दो दिलों के बीच एक खास अहसास का प्रतीक भी माना गया है। पूजा विधान के अनुसार आज सुबह महिलाएं पति के आरोग्य और दीर्घायु का संकल्प लेकर व्रत की शुरुआत करने के बाद दिन भर व्रत रखने के बाद शाम को पूजन और रात में 7.57 मिनट पर चंद्रदेव को अर्घ्‍य देने के बाद अपने पति के दर्शन के उपरांत ही अपना व्रत पूरा करेंगी।

शाम होते ही महिलाएं सज धज कर तैयार हुईं और पकवान के साथ ही पूजन की सामग्रियों की तैयारी में जुट गईं। वहीं पति भी देर शाम तक बाजार में खरीदारी करते नजर आए। जबकि कई जगह सामूहिक तौर पर करवा चौथ का आयोजन महिला समूहों की ओर से किया गया तो महिलाओं ने कोराेना संक्रमण को देखते हुए मास्‍क लगाने के साथ ही सैनिटाइजर का भी प्रयोग कर पर्याप्‍त शारीरिक दूरी का भी पालन किया।

Edited By: Abhishek Sharma