मऊ, जागरण संवाददाता। बांदा जेल में काफी समय से बंद मुख्‍तार अंसारी की मुसीबतें हैं कि कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। ऐसे ही एक मामले में मंगलवार को मुख्‍तार की बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई हुई है। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरवां स्थित एक विद्यालय में विधायक निधि के दुरूपयोग के मामले में मंगलवार को अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक व गैंगस्टर कोर्ट के प्रभारी आसिफ इकबाल रिजवी की अदालत में मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बांदा जेल अधीक्षक व मुख्तार अंसारी जुड़े। इसमें अदालत ने 60 दिन का जूडिशियल रिमांड स्वीकृत किया।

सदर विधायक मुख्तार अंसारी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से थाना सरायलखंसी के गैंगस्टर मामले में जुडिशियल रिमांड स्वीकृत किया गया। न्यायालय ने अगली पेशी दो महीने के लिए नियत कर दी है। गैंगस्टर कोर्ट ने वारंट बी के जरिए उन्हें अदालत में तलब किया था। सदर विधायक के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने न्यायालय में आवेदन किया था कि मुख्तार अंसारी अस्वस्थता के कारण अदालत में व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ हैं। उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हो। इस पर न्यायालय ने अंसारी के वकील व गैंगस्टर कोर्ट के विशेष शासकीय अधिवक्ता कृष्ण शरण को सुनकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से रिमांड स्वीकृत किया।

इस दौरान मुख्तार अंसारी व जेल अधीक्षक बांदा वीडियो कांफ्रेंसिंग से जेल से जुड़े। अभियोजन के अनुसार थानाध्यक्ष सरायलखंसी ने न्यायालय में आवेदन किया था कि सदर विधायक मुख्तार अंसारी थाने के गैंगस्टर एक्ट में वांछित अभियुक्त हैं तथा वे थाना क्षेत्र के सरवां स्थित एक विद्यालय को उसके प्रबंधक व अन्य से मिलीभगत कर विधायक निधि का दुरूपयोग कर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में विधायक व प्रबंधक सहित कई लोगों को आरोपित बनाया गया और उनके विरुद्ध गैंगस्टर का मामला पंजीकृत किया गया है। न्यायालय ने बांदा जेल के लिए वारंट बी भेजा था।

Edited By: Abhishek Sharma