कृपालु धाम के छह दशक पुराने साधना भवन को मजबूत बनाने के लिए स्टेनलेस स्टील की आपूर्ति, संवरेगा भवन
प्रतापगढ़ के श्री कृपालु धाम के छह दशक पुराने साधना भवन को जिंदल ग्रुप के सहयोग से स्टेनलेस स्टील संरचना ...और पढ़ें

कृपालु धाम का साधना भवन अब और मजबूत, जिंदल ग्रुप ने दिया स्टेनलेस स्टील का सहारा।
HighLights
प्रतापगढ़ के कृपालु धाम साधना भवन को मजबूत किया जा रहा है।
जिंदल ग्रुप ने स्टेनलेस स्टील संरचना की आपूर्ति की है।
मूल स्वरूप बनाए रखते हुए भवन को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रतापगढ़ के मंगरह स्थित श्री कृपालु धाम के साधना भवन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान शुरू किया गया है। नई स्टेनलेस स्टील संरचना इस प्रकार डिज़ाइन की गई है कि यह मूल ढांचे को सहारा दे, जबकि इमारत के वास्तुशिल्प स्वरूप और श्रद्धालुओं के अनुभव में कोई परिवर्तन न हो। इसके लिए संस्था के साथ जिंंदल ग्रुप की ओर से पहल की गई है।
1965 में जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा स्थापित श्री कृपालु धाम एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है, जहां भारत और विश्वभर से श्रद्धालु आते हैं। परिसर में संगमरमर से बना भक्ति मंदिर और एक धर्मार्थ अस्पताल है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाता है। साधना भवन परिसर का ध्यान और सभा स्थल है, जहां वर्षों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।
इस परियोजना के तहत पूरी संरचना को दोबारा बनाने के बजाय, उसे अंदर से मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। नई संरचना इस तरह तैयार की गई है कि वह मूल संरचना के साथ मिलकर भार को संभाले और उसे अतिरिक्त मजबूती प्रदान करे।
जिंदल स्टेनलेस स्टीलवे लिमिटेड के माध्यम से भार उठाने वाले कॉलम, बीम और क्रॉस गर्डर जैसे विशेष रूप से तैयार किए और 160 टन से अधिक भवन निर्माण घटकों की आपूर्ति की। इस परियोजना में स्टेनलेस स्टील ग्रेड 304एल की हॉट रोल्ड एनील्ड एंड पिकल्ड (एचआरएपी) प्लेट्स का उपयोग किया गया।
प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने बताया कि, “साधना भवन को मजबूत बनाने का यह कार्य दिखाता है कि स्टेनलेस स्टील के आधुनिक उत्पाद किस प्रकार पुरानी इमारतों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं और उनके मूल स्वरूप को सुरक्षित रख सकते हैं। हमें इस महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा बनने पर गर्व है।”
इस ग्रेड को इसलिए चुना गया क्योंकि यह इमारत के अंदर, समुद्र और औद्योगिक क्षेत्र से दूर के वातावरण के लिए उपयुक्त है। इसकी मजबूती, ज़ंग से बचाव और दीर्घकालिक प्रयोग जैसे गुण इसे विशेष बनाते हैं। इस स्टेनलेस स्टील को विभिन्न आकारों में तैयार किया जा सकता है, जिससे मौजूदा ढांचे के साथ जोड़ना आसान हुआ।यह परियोजना जगत गुरु कृपालु परिषद की टीम के सहयोग से पूरी की गई। इस परियोजना में ग्रुप सामग्री और तकनीकी साझेदार की भूमिका निभा रही है।
