जौनपुर, जेएनएन। जिले के पंचायत चुनाव में पहली बार खर्च सीमा निर्धारित की गई थी। ऐसे में पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद सभी प्रत्याशियों को अपने आय-व्यय का विवरण प्रशासन की तरफ से तहसीलों में बनाई गई कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसके अंदर विवरण जमा करने पर उनकी जमानत राशि वापस हो जाएगी, साथ ही उस प्रत्याशी को कुल पड़े मत का एक चौथाई वोट पाना अनिवार्य होगा। फिलहाल जिला निर्वाचन विभाग की तरफ से सभी से कोरोना संक्रमण काल में भीड़ न लगाने का आग्रह किया जा रहा है।

जिला पंचायत सदस्य, प्रधान, बीडीसी, ग्राम पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को नामांकन फाइनल होने के बाद आरओ की तरफ से खर्च का रजिस्टर दिया गया था। जिसमें प्रतिदिन के खर्च का विवरण अंकित करना होगा। हर तहसील स्तर पर वित्त एवं लेखाधिकारी की टीम बनाई गई है। परिणाम आने के बाद इनका विवरण जमा करना है। इसके लिए डीएम की तरफ से नामित तहसील स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार, लेखाधिकारी की टीम बनाई गई है। जिनके समक्ष खर्च का बिल बाउचर सहित व्यय रजिस्टर या खर्च रजिस्टर प्रस्तुत करना होगा। जिसके बाद नामांकन के समय जमा किया गया नामांकन शुल्क वापस किया जाएगा। जिलेभर में कुल 28 हजार प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। इसमें ग्राम प्रधान के 1737 पदों के लिए 12052, ग्राम पंचायत सदस्य के 21 हजार 729 पदों के लिए कुल 4995, क्षेत्र पंचायत सदस्य 2027 पद के लिए 9669 व जिला पंचायत सदस्य पद के 83 पदों के लिए 1272 प्रत्याशी हैं।

प्रत्याशियों को 90 दिन में चुनाव में खर्च का व्यय का विवरण प्रस्तुत करना होगा

पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को 90 दिन में चुनाव में खर्च का व्यय का विवरण प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद आवेदन करने पर नामांकन के समय जमा की गई जमानत धनराशि नहीं मिलेगी। कुल पड़े मत का एक चौथाई मत प्राप्त करने वाले को ही 90 दिन के अंदर आवेदन करना होगा। ऐसा न करने पर विजयी जनप्रतिनिधियों की सदस्यता भी रद्द हो जाएगी। अभी कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए हालात सामान्य होने पर विवरण प्रस्तुत कर सकते है।

- सुनील कुमार, प्रभारी अधिकारी व्यय अनुरक्षण।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty