वाराणसी, जेएनएन। Indian Railway unlock लॉकडाउन में 23 मार्च से बंद देश की धड़कन भरतीय रेल एक बार फिर 69 दिनों बाद सोमवार से पटरी पर लौट रही है। आपात स्थिति मे नए प्रारूप में संचालित मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों से यात्रियों को बढ़ी राहत मिली। वाराणसी जंक्शन से गुजरी श्रमजीवी स्पेशल ट्रेन में यहां से कुल 75 यात्री सवार हुए। इस ट्रेन में यहां से 85 लोगों ने आरक्षण कराया था। शाम 3.30 बजे ट्रेन का आगमन हुआ। 10 मिनट ठहराव के बाद यह गन्तव्य को प्रस्थान हुई।

द्वितीय प्रवेश द्वार से नहीं मिला प्रवेश

नए प्रारूप में संचालित ट्रेनों को लेकर स्थानीय रेलवे प्रशासन ने पहले से ही रूपरेखा तैयार कर ली थी। द्वितीय प्रवेश द्वार से किसी को भी परिसर में आने की अनुमति नहीं मिली। 90 मिनट पूर्व प्रथम प्रवेश द्वार से कुछ दूर पहले थर्मल स्कैनिंग के बाद कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को प्रवेश दिया गया। पुराने फुट ओवर ब्रिज से यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर पांच की तरफ भेजा गया। यहां से ट्रेन पकड़ने के बाद सभी गन्तव्य को प्रस्थान हुए।

बिना पेंट्रीकार के रवाना हुई ट्रेन

महामारी को देखते हुए देश भर में ट्रेनों से पेंट्रीकार हटा लिए गए। सोमवार को राजगीर से चलकर नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने वाराणसी जंक्शन पर खुले खानपान स्टालों से बिस्किट और पानी लिया। एहतियात ट्रेन में सवार कर्मचारियों ने फेस कवर मास्क इत्यादि सुरक्षा उपकरणों से खुद को लैस किया था।

एक दिन पूर्व रेलमंत्री ने ली जी यहां की जानकारी

लॉकडाउन के कारण थमे ट्रेनों के पहियों को रफ्तार देने की लिए रेलवे ने कमर कस ली है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम विजय कुमार पंजियार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जानकारी ली थी। वहीं, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम से अन्य स्टेशनों से संचालित ट्रेनों के संचालन को लेकर फीडबैक लिया जिसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर एडीआरएम रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने लखनऊ मुख्यालय से साझा किया। डीआरएम विजय कुमार पंजियार ने रेल मंत्री को अवगत कराया था कि बनारस रेल परिचालन के लिए मुस्तैद है। रेलवे के साथ कोविड-19 के नियमों का अनुपालन करते हुए तैयारी कर ली गई है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं।

श्रमिकों के अरमानों को लेकर बनारस से दिल्ली चली शिवगंगा

भारतीय रेलवे ने सोमवार को जून से आम नागरिकों की सुविधा के लिए 200 यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शाम को बनारस के मंडुआडीह स्टेशन से श्रमिकों अरमानों को लेकर शिवगंगा एक्सप्रेस रवाना हुई। इससे पहले वाराणसी जंक्शन से राजगीर से नई दिल्ली को जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस भी पास हुई जिसमें स्थानीय स्टेशन से कुल 75 यात्री नई दिल्ली के लिए सवार हुए।  वहीं, वाराणसी मंडल के मंडुआडीह रेलवे स्टेशन से चलाई जाने वाली गाड़ी 02559 मंडुवाडीह-नई दिल्ली स्पेशल शिवगंगा एक्सप्रेस मंडुआडीह के प्लेटफार्म संख्या आठ से अपने निर्धारित समय पर चलाई गई। इस ट्रेन में कुल 867 यात्री शाम 05:30 बजे ही मंडुवाडीह सेकेंड इंट्री के प्रवेश द्वार पर पहुंच गए थे। रेलवे सुरक्षा बल की सहायता से चार पंक्तियों में यात्रियों का उचित यात्रा टिकट देखने के बाद स्टेशन परिसर में प्रवेश दिया गया जहां पहले से तैनात मंडल चिकित्सालय की मेडिकल, वाणिज्य कर्मचारियों की टीमें व टिकट निरीक्षकों की टीमों ने क्रमश मेडिकल जांच, थर्मल स्कैनिंग, टिकट जांच व लगेज जांच किया गया।

कैमरे से हुई टिकट की चेकिंग

दो लाइन बनाकर यात्रियों ने स्टेशन के अंदर प्रवेश किया। गेट पर थर्मल स्कैंनिंग हुई। एक कैमरे के माध्यम से टिकट चेकिंग की गई। अंदर सीआरपी व आरपीएफ के जवान टिकट देखकर बोगी का पता बता रहे थे। सैनिटाइजर टीम लगी थी जो यात्रियों के हाथ धुला रही थी। यात्री का लगेज भी सैनिटाइज हो रहा था। कमांडेंट आरपीएफ ऋषि पांडेय व जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक दुबे की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्लेटफार्म पर गोला बना था जिसमें खड़े होकर एक-एक कर यात्री बोगी में जा रहे थे। वहीं, ट्रेन के स्टॉफ भी कोरोना के बचाव से जुड़े सुरक्षा उपकरणों को पहने ट्रेन में सवार हुए।

श्रमिकों को महानगरों में लौटने के लिए चलेगी सात स्पेशल ट्रेन

देश के विभिन्न महानगरों से लौटे व लॉकडाउन में फंसे श्रमिकों के लिए सात श्रमिक ट्रेनों का संचालन किया जाना है। सभी ट्रेनों का परिचालन देर रात तक होगा। इसके लिए शाम तक यात्रियों को सफर के लिए तैयार रहना होगा। प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह व्यवस्था जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के आदेश पर हो रही है। ट्रेन का समय मंगलवार को सुबह रेलवे द्वारा बताया जाएगा।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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