सोनभद्र, जेएनएन। उभ्भा नरसंहार की घटना के 27 दिन बाद कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा ने गांव का दौरा किया। इस दौरान पीडितों से उनकी मुलाकात, उनके बीच बैठकर बातें करना, घर में जाकर खीर खाना, पीडितों को दिल्ली बुलाने आदि को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। बसपा प्रमुख ने जहां इसे लेकर बयान दिया है वहीं पुन: मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के भी दौरे की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चट्टी चौराहों से लेकर सरकारी दफ्तरों में भी उभ्भा को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। हर कोई अपना-अपना तर्क देने के बाद उभ्भा पर राजनीति ज्यादा होने की बात कहता नजर आ रहा है।

17 जुलाई को उभ्भा में भूमि पर कब्जा करने को लेकर नरसंहार हो गया। उसमें दस लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हो गए। घटना के दो दिन बाद ही 19 जुलाई को यहां कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा आने वाली थीं, लेकिन धारा 144 लगने के कारण उन्हें जिले में नहीं आने दिया। हालांकि वह 27 दिन के बाद मंगलवार को उभ्भा पहुंची। इसके पहले सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं उभ्भा पहुंचे थे। उन्होंने भी पीड़तिों व मृतकों के परिजनों से मिलकर आत्मीयता के साथ उनसे संबंध जोड़ा। उन्हें मान, सम्मान, सुरक्षा दिलाने का आश्वासन दे गए थे। अब प्रियंका वाड्रा के आने के बाद एक बार फिर से सीएम के आने की चर्चा तेज हो गई है। इसके पहले यहां बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी आकर दौरा कर चुके हैं। अन्य छोटे दल के पदाधिकारियों ने भी इस मौके को भुनाने की कोशिश की है। 

Posted By: Saurabh Chakravarty