वाराणसी, जेएनएन। दोषपूर्ण नंबर लिखवाकर सड़कों पर फर्राटा भरने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस क्रम में प्रयोग कर बुलेट के नंबर प्लेट को जातिसूचक बनाकर घूम रहे युवक को आशापुर चौराहे पर पुलिस ने रोक लिया। दोषपूर्ण नंबर प्लेट होने के चलते बाइक सीज कर दी गई। दरअसल, गाड़ियों में नंबर लिखवाने में क्रिएटिविटी के नाम पर मनमर्जी चल रही है। सिकरौल भोजूबीर के संतोष यादव अपनी बुलेट (यूपी 65 सीएस 4769) लेकर आशापुर चौराहे के पास पहुंचे। दोषपूर्ण नंबर प्लेट होने के चलते चौकी प्रभारी राजीव सिंह ने रोक लिया। बाइक की नंबर प्लेट पर नंबर को क्रिएटिव तरीके लिखा गया था, जो जातिसूचक थी। इस पर बाइक को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया।

नंबर की जगह लिखा था 'आई त लिखाई', पुलिस ने सीज कर कहा 'जब लिखाई तब थाने से जाई'

गत सोमवार को ही कचहरी पर शाम को चेकिंग के दौरान एक बुलेट को कैंट पुलिस ने सीज किया। पीछे नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर की बजाय 'आई त लिखाई' लिखा देख पुलिसकर्मियों ने वाहन सवार को रोका और सीज की कार्रवाई की। युवक काफी गुहार लगाता रहा लेकिन पुलिस एक न सुनी और कैंट इंस्पेक्टर ने भी मजाकिया लहजे में कहा कि 'जब लिखाई तब थाने से बुलेट जाई।' इस कार्रवाई की शाम के समय कचहरी चौराहे पर काफी चर्चा रही। दशाश्वमेध थाना अंतर्गत खालिसपुरा का रहने वाला प्रतीक मिश्रा अपनी बुलेट से कचहरी की ओर गया हुआ था, उसी समय कैंट इंस्पेक्टर राकेश सिंह चेकिंग कर रहे थे, तभी उनकी नजर बुलेट के पीछे नंबर प्लेट पर गई। रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट पर लिखा आई त लिखाई देख इंस्पेक्टर ने रोका और फिर सीज की कार्रवाई की। उन्होंने युवक को ट्रैफिक नियमों को भी समझाया।

क्या कहते हैं नियम 

- वाहनों का पंजीयन करते समय परिवहन विभाग वाहन की पंजीयन संख्या आवंटित करता है। पंजीयन संख्या वाहन के दोनों तरफ (आगे-पीछे) लगी नंबर प्लेटों पर अंकित की जानी चाहिए। वाहन की नंबर प्लेट सफेद रंग की हो और उस पर नंबर काले रंग से लिखे होने चाहिए। नंबर प्लेट पर लिखे नंबर परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित माप के अनुसार ही होना चाहिए।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty