वाराणसी, जागरण संवाददाता। नगर निगम ने करीब एक माह पूर्व जारी होने वाले लाइसेंस पर बार कोड जारी करने का फैसला किया था। इसे अब अमलीजामा पहनाने के लिए कवायद शुरू हो गई है। हालांकि, मोटर बोट व चप्पू नावों के लिए जारी लाइसेंस पर बार कोड की योजना पर बाढ़ ने पानी फेर दिया है। नगर निगम को अब बाढ़ उतरने का इंतजार करना होगा।

इसके लिए अक्टूबर में लाइसेंसों पर बार कोड लगाने की तैयारी की गई है। वहीं, पैडल रिक्शा व ट्राली के लाइसेंस पर बार कोड लगाने का कार्य आगामी 10 दिनों में शुरू हो जाएगा। बार लाइसेंस जारी होने के बाले लाइसेंस प्लेट फाइबर के होंगे। बार कोड को मोबाइल फोन से स्कैन करने के बाद वाहन समेत वाहन स्वामी का पूरा ब्योरा मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगा।

बार कोड के कई फायदे

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि लाइसेंस पर बार कोड जारी करने के कई फायदे हैंं। अब तक देखा गया है कि एक लाइसेंस पर कई वाहन संचालित होते हैं। मसलन, यदि एक नाव या रिक्शा के लिए जो लाइसेंस अब तक जारी होते रहे हैं वह टिन की प्लेट पर नंबर जारी होते हैं। इससे वाहन स्वामी कई टिन प्लेट पर वही लाइसेंस अंकित कराकर नाव, पैडल रिक्शा व ट्राली के साथ ठेला-खुमचा संचालित करते रहे हैं। बार कोड जारी होने पर ऐसा करना संभव नहीं होगा।

नाव दुर्घटना में ट्रैसिंग होगी आसान

पीके द्विवेदी का कहना है कि बार कोड जारी होने के बाद कोई दुर्घटना होती है तो वाहन स्वामी की ट्रेसिंग आसान होगी। सर्वाधिक दिक्कत नाव दुर्घटना के वक्त होती है। नाविक के लापता होने पर उनका पता लगाना मुश्किल होता रहा है। ऐसे में बार कोड से नाविक के घर का पता तक मिल जाएगा जिससे कार्यवाही आसान हो जाएगी।

डूडा ने बढ़ाई निगम की अड़चन

ठेला-खुमचा के लिए डूडा की ओर से भी लाइसेंस जारी किया जाता है। इससे नगर निगम प्रशासन को अड़चन हो रही है। जो लाइसेंस नगर निगम की ओर से जारी होगा उसमें बार कोड को होगा लेकिन डूडा की ओर से जारी लाइसेंस में बार कोड का अभाव रहेगा।

इतने वाहनों पर लगेगा बार कोड

-918 चप्पू नाव व मोटर बोट

-1753 पैडल रिक्शा

-1400 पैडल ट्राली

-250 ठेला-खुमचा

 

Edited By: Saurabh Chakravarty