पूर्वांचल में नाम ही काफी है, लिहाजा सड़कों का सीना आसनी से चीर रही हैं ओवरलोड ट्रकें
पूर्वांचल में ओवरलोड ट्रक सड़कों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन परिवहन अधिकारी इन पर अंकुश लगाने में विफल ...और पढ़ें

पूर्वांचल में ओवरलोड ट्रकों से सड़कें तबाह, परिवहन अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल।
HighLights
ओवरलोड ट्रक पूर्वांचल की सड़कों को लगातार कर रहे हैं बर्बाद।
परिवहन अधिकारी ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई में विफल।
मंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं।
जेपी पांडेय, जागरण, वाराणसी। प्रदेश में सरकार और व्यवस्था बदली लेकिन ओवरलोड ट्रकों का खेल बंद नहीं हुआ। ओवरलोड ट्रकों के चालक पूर्वांचल की सड़कों को तहस नहस कर रहे हैं। हाईवे व रिंग रोड पर इन ओवरलोड ट्रकों को पकड़ना तो दूर और उनकी तरफ जिम्मेदार परिवहन अधिकारी देखते तक नहीं हैं। क्षत्रिय, बाबा, लिखे ओवरलोड ट्रकें सड़कों पर धमा-चौकड़ी मचा रही हैं।
यह तो एक बानगी है। इस तरह न जाने कितने नामों से ओवरलोड ट्रकें पूर्वांचल की सड़कों पर बर्बाद कर रही हैं। सवाल उठता है कि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को सड़काें पर ओवरलोड ट्रकें दिखाई पड़ती है लेकिन परिवहन अधिकारियों को नहीं। इसके लिए खनन अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं है।
वाराणसी के पूर्व खनन अधिकारी पराजित त्रिपाठी को ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और जांच में संलिप्तता मिलने पर पिछले वर्षों निलंबित कर दिया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिवहन अधिकारी ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
ओवरलोड ट्रकों से सड़कें खराब हो रही हैं। परिवहन मंत्रालय लगातार ओवरलोड ट्रकों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार को पत्राचार कर रही है। मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव परिवहन आदेश को अमल में लाने की बात कर रहे हैं लेकिन धरातल पर कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है। जिम्मेदार परिवहन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद भी इन अफसरों के सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
मंत्री ने पकड़ी ओवरलोड ट्रकें, मिली प्रतिकूल प्रविष्टि
पिछले वर्ष मीरजापुर से लाैट रहे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने टेंगरा मोड़ पर ओवरलोड ट्रकें पकड़ने के साथ नाराजगी जाहिर की थी। इसी प्रकार बलिया और गाजीपुर में भी ओवरलोड ट्रकों को पकड़ने के साथ स्थानीय थाने में बंद कराया था।
मंत्री लगातार पूर्वांचल में ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बड़ पा रही है। ओवरलोड ट्रक के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के आरोप में कई एआरटीओ और यात्रीकर अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध करने के साथ जांच तक बैठी लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। चेतावनी पत्र और प्रतिकूल प्रविष्ट देकर इतिश्री कर दिया गया।
पहले टन पर 22 हजार, फिर प्रति टन दो हजार जुर्माना
क्षमता से अधिक ट्रक पर माल लोड होने पर पहले टन पर 22 हजार रुपये जुर्माना होता है। दो हजार रुपये माल पर यानि पहले टन पर 22 हजार रुपये जुर्माना। इसके बाद प्रति टन दो हजार रुपये जुर्माना होता है। 10 टन माल अधिक होने पर 40 हजार रुपये जुर्माना हुआ।
