जागरण संवाददाता, वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के स्नातक के पाठ्यक्रमों में दाखिले की काउंसिलिंग 24 सितंबर से होगी। विद्यापीठ प्रशासन इस बार काउंसिलिंग आफलाइन करा रहा है । वही इस बार एक सीट पर एक ही अभ्यर्थी बुलाए जा रहे हैं। इसके लिए मेरिट के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों को एसएमएस भेजा जा रहा है। मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में समस्त प्रमाण पत्रों की मूल कापी लाने का निर्देश दिया गया है I वहीं किन्हीं कारणवश जिन अभ्यर्थियों को अब तक इंटर का मूल प्रमाण पत्र नहीं मिला हैं । उन्हें चिंता करने की बात नहीं है । डिजी लाकर में अपलोड प्रमाण पत्र पूरी तरह से मान्य होंगे ।

प्रवेश सेल के सदस्य व छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डा. बंशीधर पांडेय ने बताया कि डिजी लाकर में अपलोड प्रमाण पत्र मूल सर्टिफिकेट की तरह से मान्य है I उन्होंने बताया कि पहले दिन बीकाम में (अनारक्षित वर्ग) वर्ग के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी। काउंसलिंग कराने वाले अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने के लिए तीन दिनों का मौका दिया जाएगा। काउंसिलिंग में इसके अलावा सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड है।

काउंसिलिंग का विवरण इस प्रकार है

24 सितंबर को बीकाम में दाखिले की काउंसिलिंग।

 27 सितंबर को बीएससी में दाखिले की काउंसिलिंग।

 28 सितंबर को बीए में दाखिले की काउंसिलिंग।

29 सितंबर को बीए-एलएलबी व बीएफए में दाखिले की काउंसिलिंग।

 01 अक्टूबर को बीकाम में दाखिले की द्वितीय काउंसिलिंग।

07 अक्टूबर को बीएससी में दाखिले की द्वितीय काउंसिलिंग।

08 अक्टूबर को बीए में दाखिले की द्वितीय काउंसिलिंग।

10 अक्टूबर को बीकाम में दाखिले की द्वितीय काउंसिलिंग (आरक्षित वर्ग)।

10 अक्टूबर को बीए-एलएलबी व बीएफए में दाखिले की द्वितीय काउंसिलिंग।

17 अक्टूबर को बीएससी में दाखिले की काउंसिलिंग  (आरक्षित वर्ग)।

 18 अक्टूबर को बीए में दाखिले की काउंसिलिंग (आरक्षित वर्ग)।

काउंसिलिंग में इन दस्तावेजों की जरुरत

- हाईस्कूल की मूल मार्कशीट

-इंटर की मूल मार्कशीट

-स्थानांतरण प्रमाण पत्र।

-चरित्र प्रमाण पत्र।

- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

-ईडब्ल्यूएस संवर्ग के लिए आय प्रमाण पत्र

एक जुलाई 2019 के बाद का ही मान्य होगा ओबीसी का प्रमाणपत्र

काउंसिलिंग में जाति व आय प्रमाणपत्र प्रमाणपत्र को लेकर हर साल भ्रम की स्थिति रहती है। इसे देखते हुए छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष व प्रवेश समिति के सदस्य डा. बंशीधर पांडेय ने अभ्यर्थियों को पहले ही सतर्क कर दिया। उन्होंने बताया कि एक जुलाई 2019 के बाद जारी हुए ओबीसी का प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। जबकि एससी-एसटी के संवर्ग के अभ्यर्थियों के लिए इस तरह की कोई बाध्यता नहीं है। ईडब्ल्यूएस का प्रमाणपत्र वित्तीय वर्ष 2022-23 का ही मान्य होगा।

Edited By: Saurabh Chakravarty