विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गल‍ियों के शहर बनारस में सड़कें भी तंग, एक बार फि‍र फंसा मेगा ट्रक, जुगाड़ के सहारे बढ़ रहा लखीमपुर खीरी की ओर

By Rajesh GuptaEdited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 10:43 AM (GMT+05:30)

ओडिशा से लखीमपुर खीरी जा रहा 200 टन वजनी 308 पहियों वाला ट्रेलर वाराणसी में सड़कों की तंगी और पुल ...और पढ़ें

HighLights

  1. 308 पहियों वाला 200 टन वजनी ट्रेलर वाराणसी में फंसा।

  2. हरहुआ पुल के नीचे से नहीं निकल पाया, रास्ता बदला गया।

  3. संकरी सड़कें, बिजली तार बाधा, अक्टूबर तक पहुंचने की उम्मीद।

जागरण संवाददाता (बड़ागांव) वाराणसी। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से लखीमपुर खीरी के कुंभी स्‍थ‍ित बलरामपुर चीनी मिल के लिए चला 200 टन से भी ज्यादा वजनी वेसल वैक्यूम ब्‍वायलर लेकर 308 पहिये वाला ट्रेलर गुरुवार की सुबह कोइराजपुर तक पहुंचा। यहां अंडरपास से आगे हरहुआ रिंग रोड चौराहे के लिए निकला तो धीरे-धीरे ट्रेलर हरहुआ चौराहे पर पहुंचते ही ट्रेलर को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

ट्रेलर जैसे ही हरहुआ ब्रिज के पास पहुंचा तो ट्रेलर पर लदे मशीनरी की ऊंचाई अधिक होने से ट्रेलर पुल के नीचे से नहीं न‍िकल सका। ट्रेलर को सड़क क्रास कराने के लिए साथ चल रहे टेक्नीशियनों की टीम ने उसको बाबतपुर वाराणसी मार्ग के विपरित दिशा से भेलखा क्रासिंग से ट्रेलर को सही दिशा में ले जाने के लिए वाराणसी की तरफ मोड़ दिया।

वहीं चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल होने से ट्रेलर मोड़ने में दिक्कत आने पर टीम द्वारा सिग्नल खोलकर ट्रेलर को आगे रवाना किया गया। इस दौरान रिंगरोड चौराहे पर दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। लगभग के घंटे बाद ट्रेलर विपरीत दिशा से भेलखा होते हुए हरहुआ रिंगरोड चौराहे पर पहुंचा। उसके बाद ट्रेलर रिंगरोड से होते हुए वाजिदपुर चौराहा क्रास करते हुए बड़ागांव थाना क्षेत्र के इदिलपुर गांव से सीधे शिवपुर थाना क्षेत्र में प्रवेश किया।

अब यह शाम तक गाजीपुर की सीमा पर प्रवेश कर सकता है, हालांक‍ि रास्‍ते में तमाम बोर्ड ब‍िजली के तार और क्रास होर्ड‍िंंग होने की वजह से द‍िक्‍कतें आनी तय हैंं। उत्‍तर प्रदेश की सीमा में चंदौली में प‍िछले सप्‍ताह प्रवेश करने के बाद से ही लगातार प्रयासों के बाद भी यह अब तक बनारस से नहीं आगे बढ़ सका है। माना जा रहा है क‍ि आजमगढ़ तक दुश्‍वार‍ियां ऐसे ही म‍िलेंगी। इस ल‍िहाज से इसके अक्‍टूबर तक भी लखीमपुर खीरी पहुंचने में संशय है।