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एआइ से औद्योगिक चुनौतियों के समाधान तलाशेंगे आइआइटी बीएचयू के विद्यार्थी

By Vns Shailesh Asthana Edited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 25 Oct 2026 05:05 PM (IST)

आइआइटी बीएचयू ने 'कान्फ्लूएंटिया ’26’ सम्मेलन में एआइ और उभरती तकनीकों के माध्यम से औद्योगिक चुनौतियों के समाधान पर मंथन ...और पढ़ें

आइआइटी बीएचयू का 'कान्फ्लूएंटिया 26': एआइ से औद्योगिक नवाचार और समाधान।

आइआइटी बीएचयू का 'कान्फ्लूएंटिया 26': एआइ से औद्योगिक नवाचार और समाधान।

HighLights

  1. आइआइटी बीएचयू में तीन दिवसीय 'कान्फ्लूएंटिया ’26’ सम्मेलन।

  2. एआइ और उभरती तकनीकों पर उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा।

  3. हैकॉथान, कार्यशालाओं से औद्योगिक समस्याओं के समाधान पर मंथन।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) और उभरती तकनीकों के दौर में विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक चुनौतियों से जोड़कर उनके समाधान तलाशने की दिशा में आइआइटी बीएचयू ने पहल की है। संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय उद्योग-अकादमिक सम्मेलन ‘कान्फ्लूएंटिया ’26’ में हैकाथान, कार्यशालाओं और विशेषज्ञों के संवाद के जरिए तकनीकी नवाचार तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।

संस्थान के स्टूडेंट एलुमनी इंटरेक्शन सेल (एसएआइसी) की ओर से 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), उभरती तकनीकों और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर मंथन हुआ। इसमें उद्योग विशेषज्ञों, पूर्व छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। एचसीएल टेक्नोलाजीज सम्मेलन का शीर्ष प्रायोजक रहा।

रविवार को सम्मेलन के अंतिम दिन फिजिकल एआइ की कार्यशाला, औद्योगिक समस्याओं पर आधारित गतिविधियां और पूर्व छात्रों के साथ संवाद इसके प्रमुख आकर्षण रहे। उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा की उपस्थिति में हुआ। तीन दिनों में टनलिंग, फार्मास्यूटिकल्स एवं हेल्थ टेक्नोलाजी, मैन्युफैक्चरिंग आटोमेशन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर उद्योग परिचर्चाएं हुईं। इनमें स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों और उन्नत इंजीनियरिंग की चुनौतियों पर चर्चा की गई।

विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए एप्लाइड मशीन लर्निंग और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग पर आधारित हैकाथान आयोजित हुआ। वित्तीय निर्णय क्षमता, एआइ आधारित भावनात्मक जागरूकता तथा जनरेटिव और एजेंटिक एआइ के व्यावहारिक उपयोग पर कार्यशालाएं भी हुईं। ट्रीडेंस की एआइ फाउंड्री कार्यशाला में एआइ एजेंट तैयार करने, कार्यप्रवाह विश्लेषण और समाधानों के परीक्षण पर बल दिया गया।

समापन दिवस पर ग्रैंड प्लेनरी सत्र में पूर्व छात्रों, शिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने विचार साझा किए। एचसीएल टेक्नोलाजीज के सेहसाद्री टी. का संबोधन, हैबिल्ड के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा के साथ संवाद और कर्नाटक डिजिटल इकोनामी मिशन के सीईओ संजीव कुमार गुप्ता का मुख्य वक्तव्य कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। ‘मैच सर्किल्स’ के जरिए विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद बढ़ाया गया। वहीं, ‘इंटर्नशिप प्रिपरेशन लीग’ से विद्यार्थियों को औद्योगिक समस्याओं से जोड़ने का प्रयास हुआ। एचसीएल की फिजिकल एआइ कार्यशाला, सांस्कृतिक प्रस्तुति और पुरस्कार वितरण के साथ सम्मेलन संपन्न हुआ।