वाराणसी, जागरण संवाददाता। पहली बार मां बनने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत तीन किस्तों में 5000 रुपए देने की योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती और गर्भस्थ शिशु को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीबी सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पहली बार गर्भवती हुई महिला इस अवस्था में पर्याप्त पोषक आहार ले सकें, जिससे कि जच्चा और बच्चा स्वस्थ रहे तथा एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। इसी उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत उसके खाते में तीन किस्तों में 5,000 रुपये दिए जाते हैं।

डा. वीबी सिंह ने बताया कि इस योजना से सम्बंधित सभी लाभार्थी अपने बैंक में जाकर अपने खाता का नो योर कस्टमर (KYC) अवश्य करा लें। एक बार लेन-देन अवश्य कर लें। ताकि लाभार्थियों को आसानी से इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनवरी 2017 से 19 अगस्त 2021 तक 68,097 लाभार्थियों को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके खाते में रुपया भेजा जा चुका है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना

योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी अपने खाते में केवाईसी (नो योर कस्टमर) अवश्य करायें। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डा. एके मौर्य ने बताया कि बैंकों के आपस में जुड़ जाने से केवाईसी की प्रक्रिया की जा रही है। इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए 5,000 रुपये का लाभ तीन किस्तों में डीबीटी के माध्यम से दिया जाता है। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती महिला को पहली किस्त के रूप में 1,000 रुपये दिए जाते हैं। गर्भावस्था के छह माह बाद जांच कराने पर दूसरी किस्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने, बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किस्त में 2000 रुपये दिए जाते हैं।

डा. एके मौर्य ने बताया कि पीएमएमवीवाई का हेल्प लाइन नम्बर 7998799804 भी जारी किया गया है। कोई भी लाभार्थी उक्त हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है। साथ ही लाभार्थियों को किसी तरह की समस्या आये तो वह अपने नजदीकी ब्लाक के सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सा अधीक्षक व बीसीपीएम तथा बीपीएम से सम्पर्क कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे मिलेगा योजना का लाभ : जिला कार्यक्रम समन्वयक शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत प्रभारी चिकित्साधिकारी की निगरानी में गांव व वार्ड की आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, एएनएम, बीसीपीएम/बीपीएम के माध्यम से फार्म भरा जाता है। लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य रूप से मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड, गर्भवती महिला व उसके पति का आधार कार्ड तथा लाभार्थी के खाता की पासबुक की फोटो कॉपी तथा बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र फार्म भरते समय जमा करना होता है।

फोन पर न बतायें खाता संख्या या ओटीपी :  फोन पर यदि कोई व्यक्ति किसी तरह का खाता का डिटेल या ओटीपी मांगे तो कोई भी लाभार्थी कदापि न दें, क्योंकि पीएमएमवीवाई योजना से जुड़े कोई भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा फोन पर खाता या ओटीपी सम्बन्धी कोई जानकारी नही मांगी जाती है।

Edited By: Abhishek Sharma