वाराणसी [मुहम्‍मद रईस]। भारत अध्ययन केंद्र-बीएचयू की ओर  से स्वतंत्रता भवन सभागार में 17 अक्टूबर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। 'गुप्तवंशैकवीर : स्कंदगुप्त विक्रमादित्य का ऐतिहासिक पुन:स्मरण एवं भारत राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य' विषयक संगोष्ठी में गृहमंत्री अमित शाह मुख्य वक्ता हैं। 

गृहमंत्री अमित शाह सैदपुर-गाजीपुर के भीतरी अभिलेख का वर्णन करते हुए गुप्त वंश के वीर स्कंदगुप्त विक्रमादित्य से जुड़े उन ऐतिहासिक तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं हैं। कुछ दर्ज हैं भी तो उन्हें उतना महत्व नहीं दिया गया है जितने के वे तथ्य हकदार हैं। वहीं राष्ट्रीय संग्रहालय-नई दिल्ली के महानिदेशक डा. बीआर मणि, जेएनयू के प्रो. संजय भारद्वाज, आइसीएसआर के ओम उपाध्याय, बीएचयू के प्रो. सीताराम दुबे, नेपाल के डा. काशीनाथ, बैंकाक के डा. नरसिंह सी पंडा, जापान के आइवा तकाकी सहित मंगोलिया, वियतनाम, चीन, म्यांमार, इंडोनेशिया, अमेरिका आदि के विद्वान गुप्त वंश के इस वीर के संदर्भ में ऐतिहासिक तथ्यों को दमदारी से प्रस्तुत करेंगे। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री महेंद्र पांडेय भी उपस्थित रहेंगे। आयोजन के संयोजक प्रो. राकेश कुमार उपाध्याय, समन्वयक प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी व आयोजन सचिव डा. ज्ञानेंद्र नारायण राय हैं। 

पुष्यमित्र को किया था पराजित   

पुष्यमित्र के आक्रमण के समय ही गुप्त शासक कुमार गुप्त प्रथम की 455 ई. में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनका पुत्र स्कन्दगुप्त (455 ई. से 467 ई.) सिंहासन पर बैठा। उसने सर्वप्रथम पुष्यमित्र को पराजित किया और 12 वर्ष तक शासन किया। स्कंदगुप्त को विक्रमादित्य, क्रमादित्य आदि उपाधियां दी गईं। 

वैदिक विज्ञान केंद्र की करेंगे समीक्षा

गृहमंत्री अमित शाह संगोष्ठी के बाद वैदिक विज्ञान केंद्र के निर्माणाधीन भवन व केंद्र की प्रगति की समीक्षा बैठक भी करेंगे। उनके कार्यक्रम को लेकर विवि प्रशासन जहां तैयारियों में जुटा है। वहीं समीक्षा बैठक के मद्देनजर अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने हाल ही में वैदिक विज्ञान केंद्र, बीएचयू का जायजा लिया था। जिला प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी के साथ परिसर में चौकसी बरत रहा है। 

'गुप्तवंशैकवीर' का अर्थ : संगोष्ठी के आयोजन सचिव डा. ज्ञानेंद्र नारायण राय का कहना है कि 'गुप्तवंशैकवीर' संस्कृत भाषा का एक शब्द है। इसका अर्थ है कि गुप्त वंश का एक वीर। 

Posted By: Abhishek Sharma

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