चंदौली, जेएनएन। सड़कों को गड्ढामुक्त करने का सीएम का निर्देश धरातल पर नहीं दिख रहा। प्रमुख मार्ग भले ही दुरुस्त किए जा रहे पर गांव को जोडऩे वाले मार्गों की हालत दयनीय बनी है। गड्ढे में तब्दील सड़क दुर्घटना का सबब बनी है। आवागमन को लेकर नक्सल प्रभावित चकिया, शिकारगंज नौगढ़, इलिया, शहाबगंज के बाङ्क्षशदे हाल परेशान हैं। चकिया के सोनहुल गांव से बुढ़वल गांव को जोड़ते हुए शर्मा रोड में मिलने वाली तीन किलोमीटर की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। दो वर्ष पूर्व लगभग 50 लाख की लागत से सड़क बनी थी लेकिन गड्ढे में तब्दील है।

इलिया के लेहरा मार्ग से मनकपड़ा की मुख्य सड़क का निर्माण 2004-05 में हुआ। तीन सौ मीटर सड़क आठ लाख में बनी लेकिन चंद माह बाद ही क्षतिग्रस्त हो गई। सीएम पोर्टल पर दो बार शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी। नौगढ़ पुरानी बाजार, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, किला रोड को जाने वाला मार्ग गड्ढों की सड़क कहलाने लगा है। 2.5 किलोमीटर सड़क की 2013 में पेंङ्क्षटग कराई गई थी। कुछ महीने बाद उखड़ कर गड्ढे में तब्दील हो गई। लठिया, शहाबगंज के लेवा- इलिया मार्ग का चौड़ीकरण करोड़ों रुपए की लागत से हाल ही में हुआ। कस्बा स्थित हनुमान जी मंदिर सहित जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। बबुरी से कोदोचक तक सात किलोमीटर सड़क को चंद्रप्रभा प्रखंड द्वारा 2014 में लेपन कराया गया। चंद महीने बाद ही सड़क की गिट्टियां उखड़ गई। 

पुल व पुलिया बेकार, निर्माण की दरकार

सड़कों पर भारी वाहन चलने से पचवनियां, मनकपड़ा, मालदह, डूही-सूही, बोदारा कला आदि गांव के समीप नहर, माइनर पर बनी पुलिया की रेङ्क्षलग क्षतिग्रस्त है। कर्मनाशा नदी पर शहाबगंज ब्लाक मुख्यालय के पास कर्मनाशा नदी का पुल जर्जर हो गया है। भीषमपुर, बियासड़ व लालपुर गांव के समीप बनी पुलिया महीनों से ध्वस्त है। 

इस बारे में उप‍ जिलाधिकारी सीपू गिरी ने कहा कि आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाने को प्रशासन संजीदा है। संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का निदान कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों के आवागमन में कोई परेशानी न हो।

 

Posted By: Saurabh Chakravarty

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