वाराणसी, जेएनएन। हेलमेट को यदि आप भी बोझ मानते हुए सिर्फ चालान से बचने को खानापूर्ति करते हैं तो सतर्क हो जाइए। कारण यह कि हेलमेट सिर को तो घटना-दुर्घटना की स्थिति में बचाएगा लेकिन गौर करें तो आंख के लिए हर घड़ी-हर पल सुरक्षा कवच का आभास कराएगा। वास्तव में बाइक से फर्राटा भरते न जाने कब धूल कण-कंकड़ या कीट- पतंगा आंख में आ जाए और रोशनी जाने का सबब बने, कहा नहीं जा सकता। इस स्थिति में चेहरे को पूरी तरह ढकने वाला शीशा नेत्र-ज्योति को बचाएगा। यह मानना है लायंस आई बैंक के सचिव ख्यात नेत्र सर्जन डा. अनुराग टंडन का।

पंजाबी अस्पताल में मोतियाबिंद की निश्शुल्क लगभग सवा लाख सर्जरी कर चुके डा. टंडन बुधवार को दैनिक जागरण के सामाजिक सरोकार से जुड़े मंच हैलो डाक्टर पर मौजूद थे। दूरभाष पर उन्होंने लोगों की जिज्ञासा का समाधान किया और अलग-अलग तरह की नेत्र समस्याओं से जुड़े सवालों का जवाब दिया। कहा बाइक चलाते समय आंखों से पानी गिरना या लाली आना सामान्य बात है। हेलमेट इससे तो बचाता ही है ड्राइविंग सुरक्षित करने में भी मदद करता है।

दूर का चश्मा लगा है, क्या यह उतर सकता है।-सुप्रिया सिंह, महेशपुर

-लेसिक लेजर से स्थायी रूप से चश्मा उतर सकता है। पावर स्टेबल हो तो आपरेशन भी करा सकते हैं। अस्थायी रूप में कांटेक्ट लेंस लगाया जा सकता है।

चश्मा के बाद भी सिर में एक माह से दर्द बना रहता है। -लैलुन नेसा, कोटवां

-सर्दी-जुकाम के कारण भी यह हो सकता है। वैसे ग्लूकोमा चेक कराएं फिर डाक्टर को दिखाएं। चश्मे की दोबारा जांच कराएं।

बाइक चलाने या धूप में जाने पर आंख से पानी व लालिमा होती है।-विष्णुकांत राय, गोदौलिया

-एलर्जी हो सकती है। बाइक चलाते समय सिर से लेकर चेहरे तक को ढकने वाला हेलमेट जरूर लगाएं। चश्मा भी लगा सकते हैं।

टीवी धुंधली दिखती है और सोकर उठने पर आंख में जलन होती है।-शिवम सिंह, भिटारी

-चश्मे का नंबर चेक कराएं। इसमें कतई संकोच नहीं करें। इससे समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। आंख में ल्यूब्रिकेंट डालें।

आंख से दिखाई कम पड़ रहा है। रोशनी कम हो गई है। - अलीम अंसारी, दीवानी कचहरी

-डाक्टर को दिखाएं और चश्मा लगाएं। मोतियाबिंद चेक कराएं। 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से इसे सालाना चेक कराना चाहिए।

मोतियाबिंद आनुवंशिक तो नहीं, कैसे बचें। - एसके श्रीवास्तव, बसनी

-आनुवंशिक रोग से बच नहीं सकते। यह क्रोमोसोमल डिसआर्डर के कारण होता है। हालांकि मोतियाबिंद उम्र संबंधी नेत्र समस्या है। डरें नहीं, आपरेशन करा लें।

दायीं आंख में धुंध आ गई है, कैटरेक्ट विकसित हो रहा। - आरएन सिंह, खजुरी

-मोतियाबिंद हो रहा तो आपरेशन ही इलाज है। दवा से कुछ दिन राहत मिल सकती है लेकिन नेत्र ज्योति के लिए आपरेशन कराना ही होगा।

माताजी की दूसरी आंख में भी सफेदी आ गई है, रोशनी कैसे आए। - पवन, उमरहां

-काली पुतली पर सफेद दाग है तो कार्नियल ओबेसिटी हो सकती है। पहले सफेदी हटाकर कार्निया प्रत्यारोपण करना होगा।

गाड़ी चलाते समय आंख से पानी गिरता है। - सतीश, राजातालाब

-कुछ लोगों को आंख में हवा लगने से पानी आना सामान्य बात है। सावधानीवश जांच करा लें। डाक्टर की सलाह से आई ड्राप का उपयोग करें।

आठ साल के बच्चे की पुतली पूरी तरह नहीं खुलती। - सतीश, राजातालाब

-कास्मेटिक सर्जरी से इसे खोला जा सकता है। आपरेशन समय से करा लेने पर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

आंख में अक्सर खुजली होती है, क्या करें।-प्रणव मिश्रा, अर्दली बाजार

-संक्रमण या एलर्जी के कारण भी आंख में खुजली हो सकती है। डाक्टर को दिखाएं और सलाह के अनुसार आई ड्राप का उपयोग कर इससे निजात पाई जा सकती है।

पढ़ने में अक्षर धुंधले दिखाई देते हैं। - आनंद शर्मा, मीरापुर बसही

-चश्मा चेक कराएं। उम्र के साथ-साथ पोषण नहीं मिला तो आंख का लेंस कमजोर होता जाता है। ऐसे में उसे सपोर्ट की जरूरत होती है।

आंख की सामान्य समस्या -लालिमा -पानी गिरना -सिर में दर्द -आंख में खुजली कारण -उम्र अनुसार अलग-अलग कारण -अनियमित जीवनशैली -फास्ट फूड बढ़ा रहा चश्मे का नंबर -सेलफोन व लैपटाप सुखा रहा आंखें

क्या करें -फास्ट फूड से दूरी, लें पौष्टिक आहार -लेटकर न पढ़ें -मोबाइल का कम से कम उपयोग -मधुमेह है तो नियमित रेटिना चेकअप

बच्चे की आंख पर रखें खास नजर : आंख की रोशनी में कमी को बच्चे नहीं जान पाते। ऐसे में कभी-कभी एक ही आंख से देखने पर भी नहीं बताते। इससे नेत्र ज्योति कमजोर होती जाती है। जरूरी है कम से कम साल भर में एक बार बच्चों की आंख अवश्य चेक कराएं। मां-बांप, दादा-दादी, नाना-नानी को चश्मा लग रहा हो तो यह और भी जरूरी है।

नेत्रदान महादान : नेत्र ज्योति के बिना दुनिया का सारा वैभव बेकार है। हर साल लगभग 40 लाख लोगों को दृष्टि की जरूरत होती है। इसके लिए नेत्रदान जरूरी है। जागरूकता के कारण इसके लिए आगे आने वालों की संख्या बढ़ी है लेकिन अभी और आगे आने की जरूरत है। आंख में पावर रहा हो या आपरेशन करा चुके हों, नेत्रदान का संकल्प लेकर अपनी आंखों को अमर बना सकते हैं।

खानपान सूची करें समृद्ध  : गाजर, पपीता, आम, दाल, बासी मुंह सेव और दूध-चार दाना बादाम, दही, पनीर समेत प्रोटीन और विटामिन ए युक्त पौष्टिक आहार लेने से नेत्र ज्योति सदाबहार रहेगी। सेलफोन बदल रहा आंख का टोन सेलफोन आज के दौर में भले जरूरत बन गया हो लेकिन इससे चिपके रहने के कारण आंख सूज सकती है। जरूरी हो तो लैपटाप पर आ जाएं। इसमें दूरी का ख्याल जरूर रखें।

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