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वाराणसी में अब तक के सबसे वजनी बच्‍चे का जन्‍म, उच्‍च जो‍ख‍िम की बनी थी स्‍थ‍ित‍ि

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 30 Oct 2026 11:25 AM (IST)

वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में पहली बार 4 किलो 530 ग्राम के स्वस्थ शिशु का ...और पढ़ें

वाराणसी में जन्मा अब तक का सबसे वजनी शिशु, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में मिली सफलता।

वाराणसी में जन्मा अब तक का सबसे वजनी शिशु, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में मिली सफलता।

HighLights

  1. कबीरचौरा अस्पताल में 4.53 किलो के बच्चे का जन्म।

  2. उच्च जोखिम गर्भावस्था के बावजूद मां-बच्चा सुरक्षित।

  3. अस्पताल के रिकॉर्ड में यह पहला सबसे वजनी शिशु।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। कबीरचौरा स्थित 100 शय्या युक्त मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में पहली बार चार किलोग्राम 530 ग्राम वजन के स्वस्थ शिशु का जन्म हुआ है। 92 किलो वजनी तेलियरगंज की 29 वर्षीय साहिबा बानो ने स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।

अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार महिला की गर्भावस्था 39 सप्ताह तीन दिन की थी। उनका रक्त समूह एबी नेगेटिव है, जिसे उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में रखा गया था। प्रसव पूर्व नान स्ट्रेस टेस्ट रिएक्टिव पाया गया और कलर डापलर समेत आवश्यक जांचें पूरी की गईं। महिला को 28 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती किया गया था।

गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे साहिबा बानो ने चार किलोग्राम 530 ग्राम वजन के बालक को जन्म दिया। इतने अधिक वजन वाले शिशु का जन्म इस इकाई में पहली बार दर्ज किया गया है। नवजात को लार्ज फार जेस्टेशनल एज की श्रेणी में रखकर तुरंत एसएनसीयू में निगरानी के लिए भर्ती किया गया।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. तान्या दिवाड़ी, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डा. आनंद यादव और बाल रोग विशेषज्ञ डा. युसूफ नसीम की टीम ने प्रसव करवाया। चिकित्सकों का कहना है कि बड़े वजन वाले शिशु के जन्म में जटिलताएं हो सकती हैं, लेकिन समय पर प्रबंधन से मां और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे। फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।