आजमगढ़, जागरण संवाददाता। उस समय शाम के छह बजे थे। निजामाबाद थाना क्षेत्र के डोडोपुर गांव के लोग अपने-अपने काम से खाली होकर घर लौट कर आराम कर रहे थे। रसाईघर में महिलाएं भोजन बना रहीं थींं। इसी बीच गांव के लालमन के घर में गैस सिलेंडर फटने की जानकारी मिली। लालमन केे घर के बच्चों, महिलाओं व पुरुषों काे बचाने गए पड़ोसियों को क्या पता था कि वे घटना के शिकार हो जाएंगे।

शाम के समय गैस सिलेंडर फटने के बाद लगी आग से झुलसे लोगों की चीख-पुकार सुन लोगों की कलेजा कांप जा रहा था। हर तरफ सिर्फ बचाओ- बचाओ की आवाज सुनाई दे रही थी। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें। बहरहाल जब प्रशासन तक खबर पहुंची तो बचाव कार्य तेज हुआ और घायलों को इलाज के लिए मंडलीय जिला चिकित्सालय भेजा गया।

घटना के दिन ही सिलेंडर भराकर लाए थे लालमन : लालमन यादव शुक्रवार को ही खाली सिलेंडर भरवाकर लाए थे। उन्हें क्या पता था कि सिलेंडर किसी बड़ी घटना का सबब बनेगा। उनके सहित उनकी पत्नी, बेटा और पड़ोसी शाहबाज, फुजैल, मुल्ला, अंसार, सना, फिरदौसी, मैमर, सैफ आदि झुलस गए। इसमें कुछ गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जिनका मंडलीय जिला चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।

सिलेंडर की तेज आवाज से अगल-बगल के घर भी प्रभावित : आग लगने के बाद सिलेंडर तेज आवाज के साथ फटा। जिससे लालमन के घर की छत तो गिर ही गई। अगल-बगल के कई मकान भी प्रभावित हुए हैं। हादसे से सहमे पड़ोसी अपना घर छाेड़ दूसरे के घरों में शरण लिए हैं। कई लोगों के स्वजन इतने डरे थे कि घर के अंदर जाने के लिए हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। देर रात तक डोडोपुर गांव में प्रशासनिक गतिविधि के अलावा अगल-बगल के गांवों के लोगों और रिश्तेदार व शुभचिंतकों का आना-जाना जारी था।

हादसे के बाद : थाना क्षेत्र के डोडोपुर गांव में शुक्रवार की शाम रसोई गैस सिलेंडर फटने से झुलसे नौ लोगों की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने शनिवार को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, जिसमें मैसर की रास्ते में गंभीरपुर के समीप मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया। रात भर चले इलाज के बाद भी नाज पुत्री लालमन, रबीरुन पत्नी लालमन, फिरदौस पुत्री इरशाद, शाहनवाज पुत्र खुर्शीद, हाकुर पुत्र ढेलई, सैफ पुत्र इस्लाम, सुनेहा पुत्री कलाम, मैसर पुत्र इस्माइल, सहाना पुत्री कौशर की हालत में सुधार नहीं हो सका। उसके बाद चिकित्सक ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसमें मैसर ने रास्ते में दम तोड़ दिया।उधर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।सभी के समुचित इलाज का निर्देश दिया। कहा कि इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। डोडोपुर गांव के लालमन के घर शाम को भोजन बनाने के लिए सिलेंडर आन करने के साथ आग लग गई थी। उसे बुझाने पहुंचे लोग सिलेंडर फटने से झुलस गए, तो उसी दौरान मकान ध्वस्त हो जाने से घायल हो गए थे। लालमन की बहू जासमीन व पुत्री नाज के शोर मचाने पर लोग बचाव कार्य के लिए पहुंचे थे कि बड़ा हादसा हो गया।

Edited By: Abhishek Sharma