वाराणसी, जागरण संवाददाता। एसीजेएम पंचम उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी प्रकरण के वाजूखाने में गंदगी और नेताओं की बयानबाजी पर दाखिल अर्जी पर सुनवाई टल गई। अगली सुनवाई 15 जुलाई की तिथि नियत की गई है।

प्रकरण के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। कहा गया कि 'छह मई को सर्वे टीम ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर कमीशन की कार्यवाही करने गई थी। जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम पक्ष के लोग मौजूद थे। नमाजियों ने वजूखाने में हाथ-पैर धोए और गंदगी फैलाई। जबकि वह स्थान हमारे अराध्य भगवान शिव का स्थान है। यह हिंदू समाज के लिए अपमानजनक है।

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आदि ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया है। अधिवक्ता ने ज्ञानवापी मस्जिद के अंजुमन इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल वाकी, मुफ्ती ए बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासीन को भी प्रार्थना पत्र में शामिल किया है।

उन्होंने कमीशन कार्यवाही के दौरान विरोध, बाधा पहुंचाने और वजूखाने में गंदगी फैलाने के आरोप में सभी आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। कोर्ट में वादी अधिवक्ता हरिशंकर पांडे ने एक अर्जी दिया की इस मामले के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आर पी शुक्ला व ध्रुव शुक्ला है। अधिवक्ता के तबियत खराब होने के कारण आज नहीं आ सके। वादी की ओर से कोई अन्य तिथि देने की गुहार लगाई गई। अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तिथि नियत कर दी।

Edited By: Saurabh Chakravarty