वाराणसी में इंडिगो के पायलट की तबीयत खराब होने की सूचना मुख्यालय को पहले से ही थी, सामने आई नई जानकारी
वाराणसी में इंडिगो के एक पायलट ने उड़ान से पहले तबीयत खराब होने की जानकारी मुख्यालय को दी और छुट्टी ...और पढ़ें

वाराणसी में इंडिगो पायलट की तबीयत खराब, उड़ान से पहले मुख्यालय को दी सूचना।
HighLights
पायलट ने उड़ान से पहले मुख्यालय को तबीयत खराब होने की सूचना दी।
डीजीसीए नियमों के तहत छुट्टी मिलने पर पायलट ने उड़ान नहीं भरी।
यह घटना पिछले साल के एफडीटीएल नियमों के संकट से जुड़ी है।
जागरण संवाददाता, (बाबतपुर) वाराणसी। गुरुवार को इंडिगो की मुंबई उड़ान से पहले पायलट ने अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी मुख्यालय को मेल के माध्यम से दी और छुट्टी की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद ही पायलट ने विमान उड़ाने से इनकार किया।
नागर विमानन निदेशालय के नियमों के अनुसार, यदि किसी पायलट की तबीयत खराब होती है, तो मुख्यालय को तुरंत उसे छुट्टी की अनुमति देनी होती है। एयरलाइंस अधिकारियों के अनुसार, पायलट ने सुबह अपनी पहली उड़ान मुंबई से वाराणसी की थी।
गुरुवार को एयरपोर्ट पर चर्चा थी कि पायलट ने ड्यूटी पूरी होने पर एफ़डीटीएल नियम के तहत उड़ान लेने से मना किया था, लेकिन असली वजह उसकी तबीयत खराब होना था। पायलट ने एमआई रूम से दवा लेकर थोड़ी देर आराम किया और फिर शाम को दूसरे विमान से मुंबई के लिए रवाना हो गया।
एफडीटीएल नियम तब लागू होता है जब विमान में देरी होती है और पायलट के ड्यूटी घंटे पूरे हो जाते हैं, ऐसे में वह पूरे क्रू के साथ विमान उड़ाने से मना कर सकता है। लेकिन गुरुवार को केवल पायलट ही रुका था, जबकि शेष क्रू विमान के साथ रवाना हो गया था।
ज्ञात हो कि पिछले साल नवंबर-दिसंबर में डीजीसीए द्वारा एफ़डीटीएल नियम लागू किए गए थे। उस समय देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में उड़ानों के भारी पैमाने पर रद्द होने और देरी का गंभीर संकट उत्पन्न हुआ था। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
- नए एफ़डीटीएल नियमों का लागू होना: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पायलटों की थकान को कम करने और उनके आराम के घंटों को बढ़ाने के लिए संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स (एफ़डीटीएल) नियम 1 नवंबर 2025 से लागू किए थे।
- क्रू और पायलटों की भारी कमी: इंडिगो प्रबंधन ने नए नियमों के अनुरूप समय पर पर्याप्त पायलटों की भर्ती और उनकी ट्रेनिंग की योजना नहीं बनाई, जिससे एयरलाइन के पास अतिरिक्त पायलटों (बफर क्रू) का भारी अभाव हो गया।
- रोस्टर और प्रबंधन की विफलता: एयरलाइन द्वारा पायलटों के ड्यूटी रोस्टर और संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया जा रहा था। नए नियमों के तहत रात की लैंडिंग और साप्ताहिक विश्राम के कड़े प्रावधानों के कारण इंडिगो का पूरा शेड्यूल प्रभावित हुआ।
पायलट यूनियनों के आरोप: उस समय उपजे संकट को लेकर पायलट यूनियनों और जानकारों का एक वर्ग इसे एयरलाइन प्रबंधन की लचर कार्यशैली बता रहा था, जबकि कुछ रिपोर्टों में इसे कड़े नियमों में ढील पाने के लिए एयरलाइन स्तर पर उपजी परिचालन संबंधी बदइंतजामी के तौर पर देखा गया।परिणामस्वरूप, नवंबर के अंत और दिसंबर की शुरुआत में हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं और इसे भारतीय विमानन इतिहास के सबसे बड़े शेड्यूलिंग संकटों में गिना गया।
