वाराणसी, जेएनएन। धर्म -अध्यात्म और परंपरा की नगरी काशी में गुरु पर्व पर रविवार को अध्यात्म-तकनीक का समन्वय दिखा। कोरोना संकट की बंदिशों के कारण मठों-आश्रमों के पट बंद रहे तो सोशल मीडिया के जरिए घर-घर गुरु दरबार सजा। यू-ट्यूब, फेसबुक व वीडियो कॉलिंग के जरिए शिष्यों ने गुरुदेव के दर्शन किए। इस पर ही गुरु पीठ में चल रही पूजा-आरती की झांकी निखरी। दंडवत हुए और करबद्ध प्रणाम किया, जयकारा लगाया और डिजिटल आशीर्वाद लिया।

पीठाधीश्वर स्वामी सरनानंद महाराज ने समाधियों की पूजा-आरती की

कोरोना संकट के कारण गुरु पर्व पर मठों -आश्रमों की ओर से शिष्यों को घर से ही पूजा आराधना करने का निर्देश दिया गया था। इसके लिए लिंक भी जारी किए गए थे। साथ ही मठों में अंदर से ताला लगा रहा। ऐसे में शिष्यों ने सुबह ही स्नान-ध्यान कर घर में सेलफोन या लैपटाप संभाला और सपरिवार गुरु कृपा की आकांक्षा के साथ ई-पूजन कर डाला। संत मत अनुयायी आश्रम मठ गड़वाघाट में पीठाधीश्वर स्वामी सरनानंद महाराज ने समाधियों की पूजा-आरती की। पीठासीन हुए और महात्मागण ने पूजन- अर्चन किया। इसका सुबह और शाम को भी यू-ट्यूब पर लाइव प्रसारण किया गया।   

परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के आसन का विधिवत पूजन

पड़ाव स्थित अघोर पीठ श्रीसर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम् अवधूत भगवान राम सेवाश्रम में पीठाधीश्वर बाबा गुरुपद संभव राम ने परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के आसन का विधिवत पूजन किया। बाबा कीनाराम की पूजा-अर्चना की और सर्वेश्वरी ध्वजारोहण किया। आसन पर विराजे और आॅनलाइन दर्शन दिया। कहा कि आज भयभीत नहीं होना है, सिर्फ बच कर रहना है। हम बराबर ध्यान-धारणा करते रहें और आत्मबल जगाएं।

पूजा- अर्चना की झांकी आॅनलाइन हुई प्रसारित

बाबा कीनाराम स्थली रवींद्रपुरी में पूजा- अर्चना की झांकी आॅनलाइन प्रसारित की गई। पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने वीडियो कांफ्रेसिंग से दर्शन दिया। कोरोना काल में खुद बचने और दूसरों को भी बचाने के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के पालन का संदेश दिया। श्रीविद्यामठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद फेसबुक पर लाइव हुए। महाश्मशान मणिकर्णिकाघाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम से महामंडलेश्वर संतोष दास महाराज ने अपने गुरु यमुनाचार्य महाराज की पूजा- अर्चना की और भक्तों को आनलाइन दर्शन दिया। काशी अन्नपूर्णा मठ-मंदिर से महंत रामेश्वर पुरी वीडियो कालिंग के जरिए भक्तों से जुड़े।

आॅनलाइन दक्षिणा

गुरु पूर्णिमा पर पूजन विधान आॅनलाइन हो गया लेकिन दक्षिणा समर्पित किए बिना पर्व का अनुष्ठान अधूरा लगा तो शिष्यों ने इसमें भी तकनीक का इस्तेमाल किया। इंटरनेट बैैंकिंग, पेटीएम, फोनपे से दक्षिणा अर्पित कर इसका भी रास्ता तलाश लिया।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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