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'गुरु... आ गईल सुखोई, अब आई राफेल' बनारस‍ियों ने अपने ही अंदाल में ल‍िए एयरशो का आनंद

By Vikas OjhaEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 24 Oct 2026 04:00 PM (IST)

वाराणसी में एयर शो के दूसरे दिन सुखोई और राफेल विमानों ने काशीवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गंगा घाटों पर ...और पढ़ें

वाराणसी एयर शो में सुखोई और राफेल का जलवा, काशीवासियों ने काशिका में लुटाया प्यार।

वाराणसी एयर शो में सुखोई और राफेल का जलवा, काशीवासियों ने काशिका में लुटाया प्यार।

HighLights

  1. वाराणसी में एयर शो का दूसरा दिन उत्साह से भरपूर रहा।

  2. सुखोई और राफेल विमानों ने गंगा घाटों पर शानदार प्रदर्शन किया।

  3. काशीवासियों ने अपनी काशिका बोली में खुशी और कौतूहल व्यक्त किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गुरु आ गईल सुखोई, अब आई राफेल.... एयर शो का दूसरा दिन काशीवासियों के लिए कौतूहल, उत्साह, उमंग से भरा हुआ है। गंगा घाट पर लोकभाषा काशिका के अंदाज में अपने आनंद और भावनाओं को रोक नहीं पा रहे हैं। असि घाट से लेकर नमोघाट तक काशीवासियों ने इसी भाषा में अपनी भवनाएं प्रकट कीं।

घाट किनारे तेज धूप से बचते हुए लोगों ने छांव ढूंढ ली लेकिन जब भी हेलीकाप्टर या लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई पड़ती सबकी गर्दन व निगाहें आकाश की ओर अनायास हो उठ जातीं। तन्मयता इतनी थी कि जो उनके मन व हृदय की भाषा काशिका थी , उसमें सहज ही उनकी भावना बोल उठी।

कोई कह रहा था कि  अरे ई देख एक ठे आयल, दू ठे आयल , अरे तीन , ऊ देख पांच ठे आयल राजा। कोई समझता कि कार थोड़े हौ कि तुरन्त घूम जाई...तो किसी ने सांत्वना भरे लहजे में कहा कि आई-आई मुड़ के आई राजा, जितने क चाहे बाजी लगा ल। लोगबाग इतने उत्साहित थे कि कहते जा रहे थे , अरे ई देख आइल , ई पिछड़ गयल,  ई उप्पर उड़ गयल, अबे कहाँ गयल, ई,  देख राजा! आ गयल, नौ ठे हौ।

जनसमूह इतने विस्मय में था कि पायलटों के हैरतअंगेज करतब देखकर  आखिरकार कह ही उठा,  अरे आलतू - फालतू डाइवर नाहीं हउअन, अगले बार दोहरी कलइयां खइए। बच्चों का उत्साह भी परवान चढ़ा। विमान देखते ही तालियों की गड़गड़ाहट तो कहीं हर- हर महादेव का उदघोष्....। बनारस और बनार‍ियों ने अपने ही अंदाज में एयर शो का आनंद ल‍िया।