चंदौली, जेएनएन। देश की नामचीन चंधासी कोयला मंडी में मुंशी के नाम कोल फर्म बनाकर एक करोड़ 12 लाख रुपये जीएसटी चोरी मामले में पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी है। कोतवाली के एसआई राजकुमार पांडेय को फर्जीवाड़े के राजफाश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगरानी सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय करेंगे। इस काम में वाणिज्य कर विभाग की मदद भी ली जाएगी। महकमे को पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी गई है। फर्म के लेन-देन, अन्य कंपनियों से खरीद-फरोख्त, बैंक, बिल्टी आदि का ब्यौरा जुटाया जा रहा। तय है कि तहकीकात में कई चेहरे बेनकाब होंगे। 

बगैर पुख्ता कागजात फर्म और प्रतिष्ठान चलाने वालों पर सरकार की सख्ती बढऩे के बाद से कुछ भ्रष्ट संचालक कर चोरी को नए पैंतरे आजमाने लगे हैं। चंधासी कोयला मंडी में इसी तरह का मामला सामने आने के बाद पुलिस और वाणिज्यकर विभाग के कान खड़े हो गए हैं। कोयला व्यवसाई के यहां काम करने वाले मुंशी विनोद चौहान ने मालिक पर धोखे से उसके नाम कोल फर्म बनाकर व्यापार करने और एक करोड़ 12 लाख रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगाया है। इस मामले में विनोद 14 दिन जेल भी काट चुका है। गरीब मुंशी ने उस दौरान भी पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। बहरहाल एसपी हेमंत कुटियाल के सख्त होने के बाद पुलिस ने व्यवसाई विशाल जगोता के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत करने के साथ पड़ताल शुरू कर दी है। बैंकों का ब्यौरा निकलवाया जा रहा है।

बिल्टी से जुड़े कागजात भी खंगाले जा रहे हैं। यही नहीं फर्म ने जिन कंपनियों से लेन-देन किया है उनसे भी पूछताछ की जाएगी। ऐसे में कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। कारण मंडी में ढाई से तीन हजार फर्में संचालित हो रही हैं। इस आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता कि कई और बोगस फर्म भी कागजों में दौड़ रही होंगी। हकीकत सामने लाने के लिए पुलिस और कर विभाग की टीम मिलकर काम करेगी। सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि जीएसटी चोरी की पड़ताल को टीम लगा दी गई है। जिस फर्म पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है उसका पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। शीघ्र ही इस मामले का राजफाश किया जाएगा। 

Posted By: Abhishek Sharma

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