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बच्चों में स्वाइन फ्लू के एच-1एन-1 की बढ़ रही समस्या, फ्लू से बचाव के लिए लगवाएं इंफ्लूएंजा वैक्सीन

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 23 Sep 2026 01:37 PM (IST)

बच्चों में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) सहित मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. ओपी मिश्र ने ...और पढ़ें

बच्चों में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू H1N1 का खतरा, विशेषज्ञ ने बताए बचाव और उपचार के उपाय।

बच्चों में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू H1N1 का खतरा, विशेषज्ञ ने बताए बचाव और उपचार के उपाय।

HighLights

  1. स्वाइन फ्लू H1N1 से बचाव के लिए इंफ्लूएंजा वैक्सीन लगवाएं।

  2. डेंगू, चिकनगुनिया, नेफ्रोटिक सिंड्रोम के लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।

  3. बुखार, उल्टी-दस्त में पैरासीटामाल, ओआरएस दें, स्तनपान जारी रखें।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। इस मौसम में स्वाइन फ्लू एच-एन-1 (इंफ्लूएंजा) की बीमारी फैली हुई है। इसमें तेज बुखार, नाक से पानी गिरना, खांसी आना और ठंढ़क के साथ आता है और दस्त भी हो सकता है। इसके लिए बुखार की दवा पैरासीटामाल छह से आठ घंटे पर देते रहें। साथ ही बुखार दो दिन में नहीं ठीक होता है तो शिशु रोग विशेषज्ञ से संपर्क करके फ्लू की जांच कराकर दवा लें।

बचाव के लिए इंफ्लूएंजा वैक्सीन उपलब्ध है। प्रथम डोज छह माह, दूसरा चार सप्ताह बाद पुन: देते हैं। साथ ही बच्चे का हाथ को धोते रहें और चेहरे पर मास्क लगाएं। इस मौसम में बुखार के और भी कारण होते हैं जैसे- डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस, लेफ्टो स्पायरा एवं टायफाइड का संक्रमण हो सकता है जिसके लिए उचिक खून की जांच करके विशेष दवाएं दी जाती है।

इसके अलावा उल्टी, दस्त की समस्या भी ओपीडी में देखने को मिल रही है। इसका कारण वायरल और बैक्टिरिया का संक्रमण हो सकता है जिसके लिए उल्टी की दवा, ओआरएस और बुखार की दवा जैसे पैरासीटामाल दिया जाता है यदि मां स्तनपान करा रही है तो उसे जारी रखे।


दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम 'हेलो जागरण' में बुधवार को आइएमएस बीएचयू के पूर्व वरिष्ठ प्रोफेसर एंव डीन रिसर्च बाल रोग विशेषज्ञ प्रो. ओपी मिश्र ने पाठकों से बात की। उन्होंने बच्चों में होने वाले फ्लू, डायरिया, डेंगू व गुर्दा संबंधित रोगों व बच्चों के विकास आदि से संबंधित जानकारी दी। साथ ही मौसमी बीमारी के बारे में बचाव व उपचार के बारे में भी बताया।

सात साल का मेरा बच्चा है और खाता-पिता नहीं है और एक सप्ताह से बुखार की समस्या है क्या करें? प्रमोद (मऊ)

- वायरल इंफेक्शन है। सीबीसी और छाती का एक्सरे कारकर शिशु रोग से परामर्श लें।

मेरा बच्चा तीन वर्ष का है और पिछले एक सप्ताह से पहले आंखों पर सूजन आया और फिर पूरे शरीर में फैल गया।यह किस रोग का लक्षण और क्या करना चाहिए? अमित (भोजूबीर)

- बच्चों में नेफ्रोटिक सिंड्रोम नाम की बीमारी है जिसमें पेशाब में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा जाने लगती है और खून में प्रोटीन (एलब्यूमिन) की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर पर सूजन आता है और आंख से शुरू हो कर पूरे शरीर में फैल जाता है। इसके लिए आप तुरंत शिशु रोग विशेषज्ञ या बाल गुर्दा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। इसमें खून और पेशाब की जांच करके दवा प्रारंभ करते हैं।

नेफ्रोटिक सिंड्रोम में कौन सी दवा कितने दिन के लिए दी जाती हैं सुरेश (भोजूबीर)

- इसमें बच्चे को कम नमक का भोजन देना चाहिए और फ्यूरोसेमाइड नाम की दवा दी जाती है जिससे शरीर में सूजन कम हो जाती है। इसके निश्चित उपचार के लिए स्टेरायड (प्रेडनीसोलोन) की दवा बच्चे की वजन के आधार पर दिया जाता है। शुरू में रोज छह सप्ताह के लिए देते हैं और एक बार जब यूरीन में प्रोट्रीन जाना बंद हो जाता है तब हम एक दिन के अंतर पर खुराक कमकरके अगले छह सप्ताह देते हैं।

मेरा बच्चा छह वर्ष का है और पिछले तीन दिन से तेज लगातार बुखार बना हुआ है और शरीर में लाल रंग के छोटे-छोटे दानें में निकल रहें है क्या करें? सुमन (राजातालाब)

- आपके बच्चे को डेंगू बुखार हो सकता है जिसमें तेज बु्खार लगातार रहता है और खून में प्लेटलेट कम होने की वजह से छोटे-छोटे लाल रंग के दाने निकल सकते हैं। इसमें आइजीएम एवं एनएसवन एंटीजन की जांच खून से की जाती है। यदि इसमें से कोई भी पाया जाता है तो बच्चे को डेंगू बुखार है। इसके उपचार के लिए बच्चे को दूध, पानी, भोजन देते रहना चाहिए। साथ ही पैरासीटामाल बुखार उतारने के लिए हर छह से आठ घंटे के अंतराल पर देते रहना चाहिए। यदि बच्चे को बुखार के अलावा लगातार उल्टी और पेट में दर्द हो रहा हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

मेरे बच्चा आठ माह का है जिसे लगातार उल्टी और दस्त हो रहा है क्या करें? मनीषा सिंह (कबीरचौरा)

-उल्टी, दस्त हो रहा है तो वायरल और बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है जिसके लिए उल्टी की दवा, ओआरएस और बुखार की दवा जैसे पैरासीटामाल दिया जाता है।

मेरा बच्चा 12 साल का है तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द हो रहा है और बुखार की दवा देने के बाद भी आराम नहीं हो रहा है क्या करें? सुधा देवी ( दुर्गाकुंड)

- आपके बच्चे को चिकनगुनिया की बीमारी हो सकती है जिसमें बुखार के अलावा पूरे शरीर और जोड़ों में दर्द हो सकता है। इसमें खून की आरटीपीसीआर जांचकरके पता लगाया जा सकता है। दवा के तौर पर पैरासीटामाल आठ घंटे पर दी जाती है और यह बीमारी आमतौर पर सात से दस दिन में आराम हो जाती है। इसके बाद भी अगर जोड़ों में दर्द बना रहता है तो बाल रोग चिकित्सक से संपर्क करें।