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डाकघर की बचत योजनाओं पर बढ़ा भरोसा, पीपीएफ खातों में आई गिरावट ने बढ़ाई च‍िंता

By Anurag Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 13 Oct 2026 05:51 PM (IST)

डाकघर की लघु बचत योजनाओं में लोगों का भरोसा बढ़ा है, जिससे वाराणसी पश्चिम मंडल में वित्तीय वर्ष 2025-26 में ...और पढ़ें

HighLights

  1. डाकघर बचत योजनाओं में लोगों का भरोसा बढ़ा।

  2. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14,560 नए खाते खुले।

  3. पीपीएफ खातों में गिरावट, अन्य योजनाओं में वृद्धि।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सुरक्षित निवेश और आकर्षक ब्याज दर के चलते डाकघर की लघु बचत योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। वाराणसी पश्चिम मंडल डाकघर (कैंट) के अंतर्गत वाराणसी व भदोही जनपद के डाकघरों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न बचत योजनाओं के एक लाख 14 हजार 975 खाते खोले गए। वर्ष 2024-25 में यह संख्या एक लाख 415 थी। इसके तरह एक वर्ष में 14 हजार 560 खातों की बढ़ोतरी हुई है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक वृद्धि सावधि जमा (टीडी) में हुई। इसके खाते 25 हजार 587 से बढ़कर 33 हजार 174 हो गए। यानी 7,587 खातों की वृद्धि दर्ज की गई। इस पर 6.9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। आवर्ती जमा (आरडी) के खाते भी 46 हजार 271 से बढ़कर 49 हजार 122 हो गए। इस योजना पर 6.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है।

बचत खाते 18 हजार 108 से बढ़कर 18 हजार 624 हो गए हैं। इसमें चार प्रतिशत का वार्षिक ब्याज है। वहीं, मासिक आय योजना (एमआइएस) में खाते 3,749 से बढ़कर 4,306 हो गए। इसमें 7.4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) के खाते 696 से बढ़कर 838 हुए हैं। इस योजना में 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है।

बालिकाओं के भविष्य के लिए संचालित सुकन्या समृद्धि योजना में खातों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके खाते 5,535 से बढ़कर 8,590 हो गए। यानी एक वर्ष में 3,055 खाते बढ़े। इस योजना में भी 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाता है।

हालांकि, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) में लोगों का रुझान कम हुआ है। इसके खाते 469 से घटकर 321 रह गए। इस योजना में 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज है। अधिकारियों ने बताया कि डाकघर की योजनाओं में बेहतर निवेश, निर्धारित ब्याज, सरकारी गारंटी आदि की सुविधाओं के कारण लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।