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महात्‍मा गांधी काशी विद्यापीठ में दीक्षा समारोह में शाम‍िल हुईं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल

By Pramod Kumar YadavEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 28 Jul 2026 11:48 AM (IST)

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षा समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिरकत की, जहां कुलपति ने 'विकसित भारत-2047' के ...और पढ़ें

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षा समारोह में की शिरकत विश्वविद्यालय ने गिनाईं उपलब्धियां।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षा समारोह में की शिरकत विश्वविद्यालय ने गिनाईं उपलब्धियां।

HighLights

  1. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने काशी विद्यापीठ के दीक्षा समारोह में शिरकत की।

  2. कुलपति ने 'विकसित भारत-2047' में उच्च शिक्षा की भूमिका बताई।

  3. नए पाठ्यक्रम, डिजिटल पहल, शोध और अवसंरचना में प्रगति प्रस्तुत की।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति ने मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल तथा कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक अवसर है। कहा कि इस वर्ष के दीक्षा समारोह का विषय "एक दशक में भारत की उपलब्धियां : विकसित भारत-2047 की आधारशिला" है, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका और उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

कहा कि महात्मा गांधी की प्रेरणा से 105 वर्ष पूर्व स्थापित यह ऐतिहासिक विश्वविद्यालय शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के अपने उद्देश्य के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है। कुलाधिपति के मार्गदर्शन और नेतृत्व से विश्वविद्यालय को लगातार नई दिशा और प्रेरणा मिलती रही है व उनके अध्यक्षीय आशीर्वचनों से विद्यार्थियों व विश्वविद्यालय परिवार को आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

काशी विद्यापीठ में नए पाठ्यक्रमों, शोध और डिजिटल कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, डिजिटल और अवसंरचनात्मक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान ने बीते वर्षों में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में एमए इन हिंदू स्टडीज जैसे नवीन पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। वहीं, शोध विकास संस्थान के माध्यम से एप्लाइड एआई एवं शोध विकास से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित अध्ययन को विशेष रूप से शामिल किया गया है।

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के समग्र पोर्टल के विभिन्न मॉड्यूल लागू किए जा चुके हैं। इससे प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा, छात्र सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ी है। साथ ही प्रशासन और शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता के तहत परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया गया है। काशी विद्यापीठ उत्तर प्रदेश का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से शिक्षकों के क्षमता संवर्धन के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

अवसंरचना विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विधि संकाय भवन का विस्तार, गंगापुर परिसर स्थित भवन के प्रथम तल का निर्माण तथा पीएम-उषा योजना के तहत विभिन्न विभागों में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं। यूजी, पीजी और बीएड के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग कंप्यूटर प्रयोगशालाएं विकसित की गई हैं, जबकि गंगापुर और एनटीपीसी परिसर में भी आधुनिक कंप्यूटर लैब तैयार की गई हैं।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं गुणवत्ता मानकों में अपने पूर्व प्रदर्शन की तुलना में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। साथ ही इंडिया टुडे और आईआईआरएफ जैसी राष्ट्रीय रैंकिंग में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। खेल उपलब्धियों के आधार पर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर आठवां तथा उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सेमिनार, कार्यशालाएं, शोध परियोजनाएं और नवाचार प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। छात्रावासों के उन्नयन, परिसर विकास और वित्तीय अनुशासन के माध्यम से विश्वविद्यालय आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।