बलियाए जेएनएन। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पैतृक गांव इब्राहिमपट्टी में स्थित अस्पताल को सरकार संवारेगी। इसकी कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया था।

कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे, तभी बलिया के जनप्रतिनिधियों ने यहां मेडिकल कालेज की मांग की। बिल्थरारोड के भाजपा विधायक धनंजय कन्नौजिया ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर द्वारा बनवाए गए अस्पताल का हवाला देते हुए उसे उपयोग में लाने की सिफारिश की। जिस पर मुख्यमंत्री का सकारात्मक रुख रहा। जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर इब्राहिमपट्टी में 30 एकड़ में 150 बेड वाला यह अस्पताल अभी बंद पड़ा है। इस अस्पताल का शिलान्यास 1952 में लाेकनायक जयप्रकाश नारायण के हाथों हुआ था। 1980 तक निर्माण कार्य पूरा हुआ। उसके बाद छह माह तक चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार भी किया लेकिन बाद में यह अस्पताल बंद हो गया।

शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष ने की थी मांग

शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने भी सीएम को ज्ञापन भेजकर अस्पताल का संचालन शुरू कराने की मांग 10 मई 2021 को की थी। उन्होंने कहा था कि यहां बिल्डिंग की समस्या भी नहीं हैं। मैनपावर हो जाए तो यह अस्पताल पूरे जनपद के लिए वरदान साबित हो सकता है।

अस्पताल के लिए हो रही सार्थक पहल : नीरज शेखर

राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर ने कहा कि हम वर्षों से अस्पताल के संचालन की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के बलिया आगमन पर भी अस्पताल के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई है। शासन स्तर पर बात चल रही है।

बैठक कर लिया जाएगा निर्णय : सीएमओ

इब्राहिमपट्टी के अस्पताल का संचालन ट्रस्ट के माध्यम से किया जाता है। इसे उपयोग में लाने की दिशा में मुख्यमंत्री के समक्ष चर्चा हुई है। ट्रस्ट के लोगों से वार्ता करने के बाद स्वीकृति के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी।

खत्म हो सकती है जमीन की अड़चन : विधायक

बिल्थरारोड के विधायक धनंजय कन्नौजिया ने कहा कि मेडिकल कालेज की चर्चा के दौरान इब्राहिमपट्टी के अस्पताल को लेकर मुख्यमंत्री का रुख सकारात्मक रहा। अस्पताल भवन को ही मेडिकल कालेज के रूप में विकसित करने की मांग की है।

Edited By: Abhishek Sharma