रूफटाप गार्डनिंग योजना में सरकार दे रही 10 हजार रुपये का लाभ, इस तरह करें आवेदन
प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में छत पर बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 10,000 रुपये की सहायता दे रही है। ...और पढ़ें
HighLights
सरकार छत पर बागवानी के लिए 10,000 रुपये की किट दे रही है।
वाराणसी के 500 लोगों को मिलेगा योजना का लाभ।
किट में बीज, ग्रो-बैग और उपकरण शामिल हैं।
नवनीत रत्न पाठक, जागरण, वाराणसी। अगर आप शहर में हैं और आपके पास जमीन नहीं है तो चिंता की बात नहीं। छत पर अगर 100 वर्ग फीट खुली जगह है तो आप मनपसंद फूलों की बगिया लगा सकते हैं। इतना नहीं सब्जी भी उगा सकते हैं। पैसे की भी चिंता करने की जरूरत नहीं क्योंकि प्रदेश सरकार स्वयं इसके लिए मदद को तैयार है।
छत पर फूल के पौध लगाने व सब्जियां उगाने के लिए 10 हजार रुपये की किट देगी। शहरों में छत पर सब्जियां उगाने को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई योजना में वाराणसी के 500 लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत पहले चरण में बनारस के साथ लखनऊ, गोरखपुर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, झांसी और बरेली को शामिल किया गया है। लाभार्थियों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा।
किट में बीज से लेकर खाद और ग्रो-बैग तक
योजना के तहत मिलने वाली 10 हजार रुपये की किट में 500 रुपये के बीज और पौधे होंगे। बाकी 9,500 रुपये की सामग्री में आयताकार और गोल ग्रो-बैग, पानी छिड़कने वाला स्प्रेयर, हजारा, खुरपी, कोकोपिट, वर्मी कंपोस्ट और नीम आयल शामिल हैं। योजना का लाभ लेने के लिए शहरी क्षेत्र में कम से कम 100 वर्ग फीट की खुली छत होनी चाहिए।
आवेदन के साथ छत की जियोटैग फोटो, फोटोयुक्त पहचान पत्र, नगर निगम क्षेत्र में घर होने का प्रमाण और खुली छत होने का शपथपत्र देना होगा। आवेदन उद्यान विभाग की वेबसाइट डीबीटी.यूपी हार्टिकल्चर.इन पर आनलाइन करना होगा।
100 वर्ग फीट की छत पर क्या-क्या उगा सकते हैं
100 वर्ग फीट की छत पर फूल के अलावा कई सब्जियां उगाई जा सकती हैं। टमाटर, मिर्च और बैंगन के लिए बड़े ग्रो-बैग रखें, जबकि पालक, मेथी और धनिया छोटे गमलों में भी उग सकते हैं। मूली और गाजर के लिए थोड़े गहरे गमले या ग्रो-बैग लें। बेल वाली सब्जियों को सहारा दें, ताकि वे ठीक से बढ़ सकें। पौधों को धूप वाली जगह रखें और जरूरत के हिसाब से पानी दें। छत पर गमले और ग्रो-बैग रखते समय उसकी मजबूती का ध्यान रखें।
सर्दियों में क्या उगाएं, पौधों को ठंड से कैसे बचाएं
ठंड के मौसम में पालक, मेथी, धनिया, मूली, गाजर और मटर उगा सकते हैं। फूलों में गेंदा, गुलदाउदी, पिटूनिया और कैलेंडुला लगाए जा सकते हैं। पौधों को ऐसी जगह रखें, जहां दिन में अच्छी धूप मिले।
योजना का मकसद आम लोगों को रूफटाप गार्डनिंग से जोडना है ताकि वह अपने उपयोग के लिए सब्जी और फूल छत पर ही उगा सके, इसके लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।
पंकज तिवारी, जिला उद्यान निरीक्षक
