वाराणसी, जेएनएन। स्वाती के फर्स्‍ट वोटर बनने के अरमान पर भारत निर्वाचन आयोग ने पानी फेर दिया। 17 वें लोकतांत्रिक पर्व में सहभागिता का इंतजार कर रही छात्रा को थर्ड जेंडर की वोटर आइडी मिली है। शर्मशार युवती ने गड़बड़ी वाले परिचयपत्र के जरिए वोट देने का इरादा त्याग दिया है।

आयोग ने 18 वर्ष के एक-एक मतदाता को वोट देने का अधिकार देने के लिए अंतिम अवसर दिया था। दौलतपुर इलाके की युवती स्वाती (बदला हुआ नाम) ने भी 20 फरवरी को वोटर आइडी में अपना नाम बढ़ाने को फार्म भरा। प्रारूप छह में उनका क्रमांक 1090 है। उन्होंने जेंडर वाले कालम में स्पष्ट रूप से फीमेल भरा था। वह वोटर आइडी का बेसब्री से इंतजार कर रही थी, ताकि मतदान कर सकें। वोटर आइडी मिली तो उसमें थर्ड जेंडर लिखकर आ गया।

स्वाती चुनाव आयोग के मत प्रतिशत बढ़ाने की कवायदों को लेकर हैरान परेशान हैं। उनका कहना है कि मैं चाहकर भी वोट देने नहीं जा पाऊंगी। वहीं इससे युवती के परिजन भी खफा है। स्वाती ने कहा कि गड़बड़ी तो बाद में दुरुस्त हो जाएगी, लेकिन मतदान केंद्र पर शर्मशार होने की आशंका से कैसे निबटूंगी। इस चूक के लिए जिम्मेदारों पर अपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Abhishek Sharma