वाराणसी, जेएनएन। काशी में अविरल गंगा की तरह प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना भी लोगों राहत पहुंचा रही हैं। इस महात्वाकांक्षी योजना के जरिए काशी के 3900 घरों का चूल्हा पीएनजी गैस से जल रहा है। जो काफी सस्ती और किफायती भी है। गेल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार यहां शहरी गैस वितरण परियोजना बहुत तेजी से चल रही है। दो साल में 62 किलोमीटर से अधिक पीएनजी की स्टील लाइन व 364 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। दावा किया जा रहा है कि 2023 तक 40 हजार घरों तक पीएनजी पहुंच जाएगी।

फिलहाल पीएनजी के तहत बीएचयू, बीएलडब्लू, भेलूपुर और पीडब्लूडी के आस-पास के घरों में गैस पाइप लाइन पहुंच गई है, जिससे खाना पक रहा है। इसके साथ ही शहर के 25 हजार घरों तक पीएनजी लाइन पहुंच चुकी है। हालांकि यहां अभी गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। शिवपुर, रथयात्रा, सिगरा, पांडेपुर और आसपास के क्षेत्रों में मार्च 2021 तक इस परियोजना का लाभ लोगों को मिल सकेगा। साल 2018 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 2023 तक 40 हजार घरों तक पीएनजी पहुंचाए जाने का लक्ष्य है।

पांच रुपये में पाइए कनेक्शन 

शहर में पीएनजी का प्रयोग शुरू होने के बाद लगभग 40 प्रतिशत घरेलू गैस और बीस प्रतिशत कामर्शियल प्रयोग में बचत हो रही है। गेल इंडिया लिमिटेड के अनुसार गैस कनेक्शन लगवाने के तीन बेहद सरल स्कीम है। पहली स्टैण्डर्ड आप्शन स्किम के तहत चार हजार सिक्योरिटी मनी जमा करनी पड़ती है, जो रिफंडेबल है। इन्स्टालमेन्ट आप्शन जिसमें पांच रुपये प्रति दिन के हिसाब से 1000 दिन तक जमा करना होंगे। फ्लेक्सी ऑप्शन स्‍कीम में सिक्योरिटी मनी नहीं देनी होती है। इन सभी स्किमों में पांच हजार रुपए गैस सप्लाई के पहले देने होते हैं जो सिक्योरिटी राशि होती है।

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