गाजीपुर, जागरण संवाददाता : अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम /एमपी/एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में 14 वर्ष पूर्व गैंगस्टर एक्ट के मामले में सांसद अफजाल अंसारी शुक्रवार को हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान इनके खिलाफ आरोप तय हो गया। साक्ष्य के लिए कोर्ट ने तीन अक्टूबर की तिथि नियत की

है।

सांसद अफजाल ने गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा डिस्चार्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर आरोप तय करने के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की थी। इसबीच सांसद ने उक्त आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में निगरानी दाखिल कर समय की मांग की थी। इधर एमपी-एमएलए कोर्ट में उक्त मामले की सुनवाई के दौरान सांसद के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र दिया कि उच्च न्यायालय में लंबित निगरानी प्रार्थना पत्र की सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर नियत है।

इस कारण मुकदमे की अग्रिम कार्रवाई होने तक स्थगित किया जाए। इस पर सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज कुमार श्रीवास्तव ने इसका विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि मुकदमा काफी पुराना है। उच्च न्यायालय से कोई स्थगन आदेश नहीं आया है। इस पर न्यायालय ने आदेश पारित किया कि आरोप तय के लिए अफजाल अंसारी व्यक्तिगत रूप से 23 सितंबर को उपस्थित हो, अन्यथा उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा। इस पर अफजाल अंसारी शुक्रवार को कोर्ट में हाजिर हुए। इनके खिलाफ गैंगस्टर का आरोप तय होने के बाद साक्ष्य के लिए कोर्ट तीन अक्टूबर की तिथि नियत की है।

2007 में गैंग चार्ट में शामिल किया था अफजाल का नाम

मुहम्मदाबाद पुलिस ने भांवरकोल और वाराणसी के मामले में 22 नवंबर 2007 को गैंग चार्ट में सांसद अफजाल अंसारी को शामिल करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें वह जमानत पर है। आरोप से मुक्त करने के लिए अफजाल अंसारी ने प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 1985 से 2001 तक विधायक रहे हैं। राजनैतिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से आरोपित बनाया गया है। इसके अलावा भी तमाम कारण देते हुए अपने को आरोप मुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।

Edited By: Saurabh Chakravarty