वाराणसी, जेएनएन। वैशाख शुक्ल सप्तमी यानी गंगा सप्तमी पर शनिवार को श्रद्धालुओं ने गंगा उत्पत्ति दिवस मनाया। जीवनदायिनी का सुवासित फूलों की मालाओं से श्रृंगार किया। केसर जल और दूध की धार से माता रानी का अभिषेक किया। करबद्ध हो मां गंगा का आभार जताया और हाथ से हाथ जोड़ गंगा की अविरलता-निर्मलता का संकल्प लिया। सर्वोदय सेवा समिति द्वारा दशाश्वमेध घाट पर जुटे गंगा भक्तों ने मां गंगा की विधि विधान से षोडशोपचार पूजन किया। संयोजक पं. श्रीकात मिश्र के आचार्यत्व में 51 वैदिक ब्राह्मणों ने केसर जल से अभिषेक कराया।

लोकगायक डा. अमलेश शुक्ला व ममता शर्मा ने भजनांजलि दी। संविवि के वीसी प्रो. राजाराम शुक्ल, काशी विद्यापीठ के वीसी प्रो. टीएन सिंह, आइजी रेंज वीके मीणा, पर्वतारोही संतोष यादव, पद्मश्री राजेश्वर आचार्य, भारतीय रेलवे डीएफएम केएन चौबे, सीआरपीएफ कमाडेंट एनपी सिंह, पीएम के सहयोगी काकू भाई समेत 31 विशिष्टजन शामिल थे। स्वागत संस्था अध्यक्ष सुशील पाडेय, संयोजन पवन शुक्ला, उदित नारायण मिश्रा, सतीश शास्त्री और धन्यवाद ज्ञापन संस्था सचिव शशिकात उपाध्याय ने दिया।

शनिवार गोष्ठी व गंगोत्री सेवा समिति की ओर से स्वामी अविमुक्तेश्वनानंद के सानिध्य के आयोजन में दशाश्वमेध घाट पर गंगा को आरपार सात माला अर्पित की गई। आकांक्षा अग्रहरि ने कथक के भाव सजाए। साथ ही गंगा सेवी संदीप पांडेय, जवाहर, शंकर, अशोक, विवेक सिंह को सम्मानित किया गया। इससे पहले शोभायात्रा भी निकाली गई। दीपक बजाज, जगदंबा तुलस्यान, पं. सुदामा तिवारी सांड़ बनारसी, पं. किशोरी रमण दुबे, पं. विनोद राव पाठक, डा. योगेश शुक्ला, श्यामलाल यादव फक्कड़ गाजीपुरी व सावित्री यादव ने संयोजन किया।

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