काशी में गंगा स्थिर, बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, मणिकर्णिका पर छत पर हो रहा अंतिम संस्कार
काशी में गंगा का जलस्तर स्थिर होने के बावजूद बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मणिकर्णिका घाट ...और पढ़ें

काशी में गंगा का जलस्तर स्थिर पर बाढ़ का कहर जारी मणिकर्णिका पर छत पर हो रहा अंतिम संस्कार।
HighLights
गंगा का जलस्तर 69.31 मीटर पर स्थिर, जनजीवन प्रभावित।
मणिकर्णिका घाट पर शवों का अंतिम संस्कार अब छतों पर।
काशी विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार ललिता घाट बंद।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है, लेकिन बाढ़ के कारण जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। केंद्रीय जल आयोग की शाम 4 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर 69.31 मीटर दर्ज किया गया है। बाढ़ के चलते घाट जलमग्न हो गए हैं और गंगा का पानी घाटों से ऊपर उठकर गलियों तक पहुंच गया है।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पानी भरने के कारण शवों का अंतिम संस्कार छत पर किया जा रहा है। इस स्थिति ने श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए कठिनाई उत्पन्न कर दी है। जलस्तर बढ़ने के कारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार ललिता घाट को बाढ़ के पानी के अधिक होने से बंद कर दिया गया है।
बाढ़ के हालात को देखते हुए जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे गहरे पानी में न जाएं। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिया है, ताकि लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।
गंगा के जलस्तर में स्थिरता के बावजूद, बाढ़ की स्थिति ने वाराणसी में जनजीवन को प्रभावित किया है। स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस कठिन समय में एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं। प्रशासन ने बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ और भी बढ़ सकती है। स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने सभी आवश्यक उपाय किए हैं।
