वाराणसी, जेएनएन। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव से कई घाटों का संपर्क टूट गया है। गुरुवार की रात तक अस्सी से भदैनी व मणिकर्णिका से दशाश्वमेध तक घाटों पर पानी पहुंच गया है। ऐसे में लोग गलियों से होकर एक से दूसरे घाट पर जा रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह इस वर्ष वाराणसी में सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया।

काशी में भी गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा शुक्रवार की सुबह आठ बजे तक 65.22 मीटर तक पहुंच गईं थी। जो खतरे के निशान से मात्र छह मीटर ही दूर है। शवों के अंतिम संस्कार में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंगा में बढ़ाव फाफामऊ, इलाहाबाद, सीतामढ़ी, मीरजापुर, वाराणसी व गाजीपुर में जारी है। वहीं बलिया में गंगा स्थिर हैं। वाराणसी में जलस्तर बढ़ने से सबसे अधिक चिंतिति वरुणा किनारे पुल कोहना, कोनिया, सरैया आदि इलाके के बाशिंदे हैं। इस वर्ष वाराणसी में सर्वाधिक जलस्तर 65.22 मीटर हुआ। फाफामऊ से गाजीपुर तक गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है।

लाउडस्पीकर के जरिये किया जा रहा स‍तर्क : गंगा और यमुना के प्रवाहपथ पर लगातार बारिश और कानपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा तेजी से घाटों की सीढ़ियां चढ़ने लगी है। बारिश के कारण आधे देश में बाढ़ जैसे हालात हैं।  इसके चलते भी वाराणसी में गंगा का जलस्तर उफान पर है। दशाश्वमेध घाट से लाउडस्पीकर के जरिये घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित रहने की हिदायत दी जा रही ह। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली नित्य सांध्य आरती अब तय स्थल से पीछे हो रही है।

पर्यटकों को निराशा : गंगा के जलस्‍तर बढ़ने से काशी आने वाले पर्यटकों को घाट घुमने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकों काफी निराशा हो रही है। आने वाले करीब एक माह तक गंगा के जलस्‍तर के उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिलेगी। इस दौरान निचले इलाकों में पानी ज्‍यादा भरने की आशंका रहती है। गंगा से सटे वरुणा नदी के आसपास रहने वाले लोगों ने बढ़ते जलस्‍तर को देखते हुए सुरक्षित स्‍थान की ओर जाने लगे हैं।

एनडीआरएफ की टीम तत्‍पर : वहीं नदी के आसपास रहने वाले गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की टीम भी सक्रिय नजर आ रही है। एनडीआरएफ बाढ़ के दौरान हमेशा सुरक्षा व सहायता के लिए तत्‍पर रहती है।  गंगा नदी में नहाने आने वाले लोगों के लिए रस्‍सी लगाकर उनकों सुरक्षित किया जा रहा है। रस्‍सी के बाहर न जाने की हिदायत देने के साथ ही नदी में कम समय तक रहने के लिए भी जल पुलिस की टीम सतर्क कर रही है।