वाराणसी, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वाराणसी शहरी गैस वितरण परियोजना के तहत इस वित्तीय वर्ष यानी 31 मार्च तक 3500 से अधिक किचन में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुंच जाएगी। इसकी तैयारी जोरों पर है। फिलहाल शहर के करीब 3200 घरों में पीएनजी से खाना पकने लगा है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने गेल (इंडिया) लिमिटेड को पांच वर्षो में 50 हजार घरों को पीएनजी कनेक्टिविटी करने का लक्ष्य दिया है। शहर को स्वच्छ एवं पर्यावरण प्रदूषण से बचाने के लिए कंपनी ने सात सीएनजी स्टेशन भी स्थापित कर दिया है। मार्च तक 10 स्टेशन शुरू करने का दावा किया गया है।''

स्वास्तिक गार्डेनिया में अब अप्रैल तक : पीएनजी शिवपुर स्थित स्वास्तिक गार्डेनिया में फरवरी तक ही पीएनजी पहुंचाने का दावा किया गया था। उप महाप्रबंधक गौरीशंकर मिश्रा ने बताया कि शिवपुर में तेजी से कार्य चल रहा था। इसी बीच सीवर लाइन में आई खराबी के कारण कार्य रूक गया। बताया कि यहां पर 800 मीटर स्टील लाइन डाली जानी है, जिसमें फीसद तक कार्य पूरा हो गया है। पीएनजी से यहां पक रहा खाना भेल कैंपस, आइपी विजया मॉल के पास, नदेसर स्थित पीडब्ल्यूडी कालोनी, बीएचयू, डीएलडब्ल्यू एवं इसके आसपास। यहां संचालित हो रहे सीएनजी स्टेशन रिंगरोड, तरना, सिगरा, डीएलब्ल्यू, सिटी रेलवे स्टेशन, चितईपुर व ताज होटल के सामने। रिंगरोड पर मदर सीएनजी स्टेशन है, जिसकी क्षमता 40 हजार किग्रा की है। मार्च तक यहां भी शुरू होंगे स्टेशन भेलूपुर, पांडेयपुर, चुरामनपुर।

अंधरापुल बना जंक्शन : 06 किमी लाइन अंधरापुल से कैंट स्टेशन होते हुए लहरतारा व चुरामनपुर तक बिछाई जानी है जिसमें 4 किमी बिछा दी गई है। 3.5 किमी लाइन अुधरापुल से सिटी रेलवे स्टेशन होते हुए राजघाट तक बिछाई जानी है जिसमें 2.5 किमी तक बिछा दी गई है।

पीएनजी के लाभ

- घरेलू, व्यवसायिक व औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित एवं सुनिश्चित आपूर्ति।

-निरंतर आपूर्ति और उपयोग में सुविधाजनक।

-समान क्षेत्र के अन्य ईधन की तुलना में सस्ता।

-पाइप लाइन से आपूर्ति होने के कारण ट्रैफिक की समस्या नहीं।

-गैस कम होने या बर्बादी होने की समस्या नहीं।

- सिलेंडर बदलने या बुकिंग कराने का झंझट नहीं।

- अग्रिम भुगतान नहीं, खपत के अनुसार ही भुगतान।

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