ड्रोन से लेकर आतंकी हमले तक, वाराणसी एयरपोर्ट पर परखी सुरक्षा की अग्निपरीक्षा
वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन और आतंकी हमले की स्थिति का मॉक ड्रिल किया। इस अभ्यास में विभिन्न ...और पढ़ें

वाराणसी एयरपोर्ट पर ड्रोन और आतंकी हमले का सफल सुरक्षा अभ्यास।
HighLights
एयरपोर्ट पर ड्रोन घुसपैठ और आतंकी हमले का मॉक ड्रिल हुआ।
सुरक्षा एजेंसियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया और समन्वय का अभ्यास किया।
CISF, ATS सहित 84 कर्मियों ने ड्रिल में सक्रिय रूप से भाग लिया।
जागरण संवाददाता, (बाबतपुर) वाराणसी। एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर अचानक सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। वॉच टावर से एयरपोर्ट की ओर बढ़ता ड्रोन दिखाई दिया, जिसके बाद सुरक्षा ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को तुरंत सूचना दी गई। इसके साथ ही सीआईएसएफ क्यूआरटी, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड और यूपी एटीएस की टीमें सक्रिय हो गईं। ड्रोन के संभावित खतरे के बीच इलाके की घेराबंदी की गई। इसी बीच, एटीसी भवन में तीन सशस्त्र आतंकियों के घुसने की सूचना ने सुरक्षा व्यवस्था को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
दोपहर 1:26 बजे वॉच टावर संख्या-2 पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने एयरपोर्ट की ओर आते एक यूएवी ड्रोन को देखा। इसकी सूचना तुरंत सिक्योरिटी ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को दी गई, जिसने एटीसी, एएआई, पुलिस, सीआईएसएफ बीडीडीएस, क्यूआरटी और यूपी एटीएस समेत संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया।
करीब 1:35 बजे ड्रोन के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान के लिए संभावित खतरा होने की स्थिति में उसे कार्गो सिटी की ओर गिराने का परिदृश्य तैयार किया गया। इसके बाद सीआईएसएफ क्यूआरटी और यूपी एटीएस ने इलाके की घेराबंदी की। सीआईएसएफ बीडीडीएस और डॉग स्क्वाड ने ड्रोन की जांच शुरू की। संभावित आईईडी पेलोड की आशंका को देखते हुए जांच की गई और ड्रोन को सुरक्षित घोषित किया गया।
इसके कुछ ही मिनट बाद, दोपहर 1:40 बजे एटीसी भवन में तीन सशस्त्र आतंकियों के जबरन घुसने की सूचना मिली। इस काल्पनिक हमले में एक नागरिक की मौत और एक पीएसए तथा एक नागरिक के घायल होने की स्थिति बनाई गई। एटीसी टावर में सीआईएसएफ की तैनाती के चलते हमले को ग्राउंड फ्लोर तक सीमित रखने का परिदृश्य तैयार किया गया।
सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों की टीमें एक्शन में आ गईं। सीआईएसएफ और यूपी एटीएस की संयुक्त टीमों ने एटीसी भवन में प्रवेश कर तीनों आतंकियों को निष्प्रभावी किया। इसके साथ ही घायल कर्मियों और नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।
इसके बाद किसी अन्य खतरे की आशंका को देखते हुए सीआईएसएफ बीडीडीएस और एटीएस बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने एटीसी भवन और आसपास के क्षेत्र की जांच एवं तलाशी की। तलाशी पूरी होने के बाद दोपहर 2:30 बजे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया गया। इंटीग्रेटेड कमांड पोस्ट के प्रभारी ने 2:32 बजे अभ्यास समाप्त होने की घोषणा की।
यह पूरा घटनाक्रम बहु-एजेंसी सब-कन्वेंशनल एरियल थ्रेट एवं वार्षिक सीटीसीपी मॉक ड्रिल का हिस्सा था। सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपात स्थिति में समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता परखने के लिए ड्रोन से संभावित हवाई खतरे और एटीसी भवन पर आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई थी।
मॉक ड्रिल में कुल 84 अधिकारियों और जवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें सीआईएसएफ के 30, यूपी एटीएस के 30, एएआई के 10, एएआई फायर के पांच, यूपी पुलिस के तीन, एमआई रूम के दो, बीसीएएस के दो और आईबी के दो कर्मी शामिल रहे। अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की तैयारियों को परखा गया।
