जौनपुर [सतीश सिंह]। चंदवक थानांतर्गत भूलनडीह गांव में लंबे समय से चल रहे धर्मांतरण के मामले में आखिरकार दैनिक जागरण की खबर का बड़ा असर हुआ। मामले में लापरवाही बरत रहे थानाध्यक्ष चंदवक शशिचंद चाैधरी काे तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस मामले में चर्च के मुख्य संचालक दुर्गा यादव समेत 271 लाेगाें के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विवेचक काे भी बदल दिया गया। इसकी जिम्मेदारी केराकत काेतवाल शशि भूषण राय काे दी गई है। उधर लाइन बाजार पुलिस ने धर्मांतरण में सक्रिय रह रहे चार पादरियाें काे भी गिरफ्तार कर लिया है।

250 गांवों में था नेटवर्क

भूलनडीह गांव में सक्रिय ईसाई मिशनरी ने 11 वर्षों में जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर के जिलों के 250 गांव में अपना नेटवर्क फैला रखा है। दस हजार से अधिक अनुयायी हर रविवार व मंगलवार को प्रार्थना के लिए गांव में जुटते हैं। अंधविश्वास और जादुई पानी के जरिए करिश्मा का विस्तार अपने ही परिवार से शुरू करने वाले दुर्गा यादव के इस कारनामे को दैनिक जागरण ने पहली बार 17 जुलाई आैर 24 जुलाई काे उठाया तो पूरे राज्य में तहलका मच गया। पहले ताे कुछ हिंदूवादी संगठनाें ने चंदवक थाने में तहरीर देने की काेशिश की किंतु पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया।

मामले में दर्ज हुआ मुक‍दमा

इसके बाद दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता बृजेश ने 156/3 के तहत दुर्गा यादव समेत 271 लोगों पर मामला दर्ज कराया। इस मामले में चंदवक थाने के एसआई विनोद राय को विवेचक नियुक्त किया गया। 9 सितंबर को वादी चंदवक थाने पर बयान देने गए तो वहां उनसे महेंद्र यादव ने विवेचक के तौर पर सवाल जवाब शुरू कर दिया। इस पर उन्हें शंका हुई कि मुकदमे में आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस लीपापोती कर रही है। इस खबर काे भी दैनिक जागरण ने जनप्रतिनिधियाें के बयान के साथ प्रमुखता से उजागर किया। इसी के बाद हरकत में आए पुलिस उच्चाधिकारियाें ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू कर दी।

Posted By: Abhishek Sharma