वाराणसी, जेएनएन। कैंट की अशोक विहार कालोनी में रविवार रात पूर्व डीआइजी सभाजीत सिंह के बिल्डर बेटे बलवंत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बलवंत अशोक विहार कालोनी में एक अपने मित्र के यहां दावत पर गए थे। वहां पार्टनरों के बीच कहासुनी के दौरान एक ने बलवंत पर गोली चला दी। आनन-फानन में बलवंत को सिंह मेडिकल नर्सिंग होम ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बलवंत की मौत की खबर मिलते ही मित्रों व परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया।

वहीं बिल्डर बलवंत की गोली मारकर हत्या के मामले में सोमवार की सुबह बेटे अनुराग ने सारनाथ थाने में पंकज चौबे पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया। वहीं दोपहर में पुलिस ने आरोपित पंकज चौबे को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस आरोपित पंकज चौबे से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार तीन बजे तक पुलिस इस मामले में खुलासा करेगी। 

वहीं कांग्रेस के एक नेता और बिल्डर पर हत्या का आरोप लगाया गया। हालात को देखते हुए कई थानों की फोर्स बुला ली गई। आरोपित कांग्रेसी नेता के घर पुलिस ने दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। देर रात पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए देने से मना कर दिया। देर रात तक पुलिस परिजनों का समझाने में जुटी थी। परिजनों के आक्रोश को देखते हुए सिंह मेडिकल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।

बुलेटप्रूफ गाड़ी से निकले थे मीटिंग के लिए : रियल इस्टेट के कारोबार से जुड़े बलवंत सिंह सत्य साई बाबा इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में पार्टनर थे। कंपनी में इन दिनों विवाद चल रहा है। रविवार को गोपाल सिंह के पहड़िया अशोक विहार कॉलोनी में मीटिंग बुलाई गई थी। बताते हैं मीटिंग में तीसरे पार्टनर काग्रेस नेता पंकज चौबे के साथ कुछ अन्य लोग भी थे। बलवंत अपनी बुलेटप्रूफ कार और लाइसेंसी पिस्टल के साथ गए थे। मीटिंग के दौरान खानपान की भी व्यवस्था थी।

बलवंत देर रात अचानक गोपाल सिंह के घर के बाहर आए। इसी बीच गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उनके चालक ने देखा कि बलवंत के पेट से खून निकल रहा है। चालक उन्हें लेकर अस्पताल भागा लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि गोपाल सिंह ने अभी तक की पूछताछ में बताया है कि गोपाल सिंह के निकलने से कुछ देर पहले पंकज चौबे वहां से निकल चुका था।

बनारस में नहीं थम रहा हत्याओं का सिलसिला

सितंबर महीने में हुई पांच हत्याओं से अभी शहर उबरा भी नहीं था कि रविवार की रात पूर्व डीआइजी के पुत्र बिल्डर बलवंत सिंह को बेखौफ बदमाशों ने गोलियों से भून दिया। बीते कुछ महीनों से अपराधी कानून-व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहे हैं। जुलाई में पाइप कारोबारी धर्मेंद्र की हत्या कर दी गई। मामला ठंडा भी नहीं पड़ा कि बदमाशों ने दिव्यांग को गोलियों से छलनी कर दिया। बीते माह में हुई अधिकतर वारदातों में पुलिस के हाथ खाली हैं। बीएचयू में चाय विक्रेता की हत्या में भी पुलिस अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है, हत्या की वजह तक अभी तक नहीं मालूम। 

अक्टूबर में हुई हत्याएं

-20 अक्टूबर की देर रात कैंट क्षेत्र के अशोक विहार में बिल्डर बलवंत सिंह की हत्या। 

- 17 अक्टूबर को चौबेपुर क्षेत्र के सरैया, बिशनपुरा में वृद्ध किसान रामजी यादव की हत्या।

सितंबर में हुई हत्याएं

-तीन सितंबर को कैंट थाना इलाके के मढ़वा में दुकानदार दिलीप पटेल की गोली मारकर हत्या

-आठ सितंबर को सारनाथ थाना के खजुही इलाके में वृद्धा नारंगी देवी को मारी गोली। उपचार के दौरान मौत।

- 21 सितंबर को चेतगंज के काली महाल में बदमाशों ने पिशाचमोचन के तीर्थ पुरोहित केके उपाध्याय और उनकी पत्नी ममता उपाध्याय की गोली मारकर हत्या कर दी। 

- 24 सितंबर को बीएचयू में चाय-समोसा विक्रेता रामजी की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। 

- 30 सितंबर नितेश सिंह को तहसील सदर के परिसर में हत्या। 

अगस्त में हुई हत्याएं 

-दो अगस्त को आदमपुर थाना के गोलगड्डा एरिया में चाकू गोदकर संजय की हत्या

-12 अगस्त को लंका थाना एरिया के डाफी में शिक्षिका निवेदिता की चाकू गोदकर हत्या

-17 अगस्त की रात कैंट थाना के हुकुलगंज में आधा दर्जन बदमाशों ने जूता कारोबारी अरविंद्र मौर्य को उतारा मौत के घाट

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