जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बनारस आगमन से पूर्व एक के बाद एक बनारस भाजपा को छोड़ते जा रहे हैं। इस कड़ी में जहां पहला नाम भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया के सगे भाई अजय चौरसिया का नाम उछला तो वहीं, दूसरा नाम पूर्व विधायक उदयलाल मौर्या का। भाजपा को एक के बाद एक लग रहे झटके से संगठन के पदाधिकारी सकते में हैं।

वजह भी खास है। भाजपा में कई कार्यक्रमों का सफल आयोजन करने वाले अजय चौरसिया संगठन के व्यवहार से बेहद खफा बताए जाते हैं। हालांकि, इसका दूसरा पहलू भी बताया जा रहा है। मामला विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दावेदारी को लेकर डबल गेम खेलने की बात अंदरखाने में जोरों पर हो रही हैं। हालांकि, इस मामले से खुद को अलग रखते हुए क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया का कहना है कि भाई अजय चौरसिया के सपा में शामिल होने की जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है जबकि हकीकत यह है कि दो-तीन दिन पहले अजय चौरसिया लखनऊ गए थे। वहां पर सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात भी हुई थी। अजय चौरसिया खुद स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने भाजपा छोड़ दी और सपा का दामन थामा है जबकि उनके भाई अशोक चौरसिया को इसकी भनक तक नहीं है।

बसपा से भाजपा, अब सपा

वहीं, पूर्व विधायक उदयलाल मौर्या की बात करें तो कभी बसपा के बैनरतले विधायक थे। बाद में भाजपा का दामन थामा। अब सपा की सदस्यता ले ली। उदयलाल मौर्या का कहना है कि उन्हें सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति आस्था है। उनकी नीतियां व सिद्धांत प्रदेश व देश को विकास के पथ पर ले जाएगी। बताया कि अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा की सदस्यता ली। उनके साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधुकर मौर्या, आकाश मौर्या, अंकित मौर्या आदि ने सपा सदस्य बने।

अजय चौरसिया नहीं थे भाजपा सदस्य

महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय कहते हैं कि अजय चौरसिया कभी भी भाजपा के सदस्य नहीं थे। हां, यह जरूर है कि वे भाजपा के वोटर हो सकते हैं। ऐसे में उनका पार्टी को छोड़ देना अनरगल बात है। रही पूर्व विधायक उदयलाल मौर्या की तो भाजपा के लिए वे कभी भी महत्वपूर्ण नहीं रहे हैं।

Edited By: Saurabh Chakravarty