मीरजापुर, जागरण संवाददाता। नवरात्र आगमन के पूर्व ही बुधवार को सुबह घने कोहरे ने मीरजापुर क्षेत्र में दस्तक दे दिया। जब लोग सुबह सोकर उठे तो घने कोहरे की दस्तक ने लोगों का स्वागत किया। घने कोहरे ने जल्द ही गुलाबी सर्द का आभास लोगों को करा दिया। घने कोहरे से क्षेत्र में आखिरकार ठंड का आधिकारिक आगाज हो गया। सुबह कोचिंग पढ़ने निकले बच्चों को कोहरे से होकर कोचिंग संस्थान और स्‍कूल कालेज जाना पड़ा। घने कोहरे से दृश्यता में कमी होने के कारण बाइक सवार राहगीर हेड लाइट जलाकर आवागमन करते दिखाई दिए।

पूर्वांचल में लगभग पखवारे भर पूर्व मऊ जिले में कोहरे का अहसास लोगों को हुआ था। इसके बाद से ही पूर्वांचल के कई जिलों में रह रहकर कुहासा का अहसास लोगों को खूब होता रहा। कुहासा के दस्‍तक के बाद से ठंड का असर पूर्वांचल में होना शुरू हो गया। सुबह और शाम को अंचलों में कुहासा नजर आने लगा है। जबकि तड़के नदी के किनारे बसे गांवों में कोहरे सरीखा अहसास भी महसूस होने लगा है। जबकि सुबह और शाम को कम होता तापमान लोगों को राहत भी दे रहा है। 

पूर्वांचल में पहाड़ी क्षेत्र : पूर्वांचल में चंदौली, मीरजापुर और सोनभद्र यह पहाड़ी क्षेत्र माने जाते हैं। यहां पर नमी के बीच जब धूप का असर होता है तो सबसे पहले कोहरा नजर आने लगता है। ऐसे में उम्‍मीदों के अनुरूप ही पहाड़ी क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र के पूर्व कोहरा पड़ने का अर्थ यह माना जा रहा है कि अब ठंड का मौसम गुलाबी ठंडक की दस्‍तक के साथ ही शुरू हो गया है। 

फसलों पर कोहरे का प्रभाव : मीरजापुर के प्रगतिशील किसान रामबिलास चौबे के अनुसार कोहरे से सब्जी की खेती प्रभावित होगी। वहीं कई फसलों में कीटों का भी प्रकोप होने की आशंका इस मौसम में बढ़ जाती है। हालांकि, साग और मौसमी सब्जियों के लिए धूप में कमी और कोहरे से कुछ राहत भी होगी। 

Edited By: Abhishek Sharma