वाराणसी, जेएनएन। पूर्वांचल की प्रमुख नदियों में फ‍िलहाल एकमात्र सरयू नदी उफान पर है। बारिश होने से सरयू का जलस्‍तर पहले ही खतरा बिंदु पार कर चुका है। इसके बाद से ही नदी के जलस्‍तर में लगातार बढ़ाव जारी था जो शनिवार दोपहर में थम गया। शनिवार की सुबह आठ बजे तुर्तीपार में सरयू नदी का जलस्‍तर 64.64 मीटर रिकार्ड किया गया। इस लिहाज से 24 घंटों में जलस्‍तर दस सेमी तक बढ़ गया है। जबकि चेतावनी बिंदु 63.01 और खतरा बिंंदु 63.01 मीटर है। सरयू नदी में उफान से मऊ और बलिया जिले में तटवर्ती इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। 

दूसरी ओर अन्‍य प्रमुख नदियों का जलस्‍तर सुबह तक स्थिर बना हुआ है। हालांकि पहाड़ी नदियों का जलस्‍तर और रिहंद बांध में जलस्‍तर लगातार बारिश होने से बढ़ाव की ओर है। समय से मानसून आने के बाद से ही पूर्वांचल में मौसम का रुख बारि श की ओर बना हुआ है जिसकी वजह से नदियों का जलस्‍तर भी बढ़ रहा है। उम्‍मीद जताई जा रही है कि पहाड़ों पर बरसात होने और बर्फ पिघलने से जल्‍द ही गंगा नदी में भी उफान की स्थिति होगी। वहीं पूर्वांचल में तमसा, सोन और वरुणा आदि नदियों में भी मामूली बढोतरी दर्ज की गई है।

केंद्रीय जल आयोग की ओर से शनिवार की दोपहर जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्वांचल के मीरजापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में गंगा का जलस्‍तर स्थिर बना हुआ है जबकि सोनभद्र के रिहंद डैम के जलस्‍तर में बढोतरी दर्ज की गई है। दूसरी ओर सोन नदी के जलस्‍तर में भी बढाव का दौर बना हुआ है। शनिवार की दोपहर में जारी रिपोर्ट के अनुसार बलिया के तुर्तीपार में सरयू का जलस्‍तर अब स्थिर हो गया है। 

सरयू नदी ने बढ़ाई बलिया में चिंता

बलिया मेंं सरयू नदी खतरा के लाल निशान पार करने से टीएस बंधा के जोन में बसे गांवो का संपर्क बंधा से कट गया है। शनिवार को चांदपुर में नदी खतरे के निशान 58 मीटर से 16 सेमी ऊपर है। बंधे से उत्तर में बसे नवकागांव के पासवान बस्ती, धूपनाथ और बैजनाथ यादव के डेरा गांव के लोगों का संपर्क बंधा से कट गया है। अभी नाव की व्‍यवस्था सुनिश्चित नहींं हो पायी है। नवकागांव के प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप यादव व वशिष्ठनगर के पूर्व प्रधान धूपनाथ यादव ने बाढ़ से घिरे गांवोंं के लिए नाव की व्‍यवस्था करने की मांग जिला प्रशासन से की है।

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