नमो घाट से गंगा की बाढ़ में बहकर चंदौली जा पहुंचा लाखों का फ्लोटिंग चेंजिंग रूम, करोड़ाें खर्च के बाद देखरेख में बड़ी लापरवाही
वाराणसी के नमो घाट पर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बना लाखों का फ्लोटिंग चेंजिंग रूम गंगा की तेज धारा ...और पढ़ें
HighLights
नमो घाट का फ्लोटिंग चेंजिंग रूम चंदौली पहुंचा।
लाखों की लागत से बना, गंगा में बह गया।
बच्चों के लिए खतरा, प्रशासन पर सवाल।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काशी में शानदार नमोघाट तैयार किया गया है। घाट अक्सर चर्चा में रहता है, कभी प्रणाम मुद्रा में बने स्कल्पचर को नुकसान पहुंचने से तो कभी गार्डों की पर्यटकों संग मारपीट तो कभी घाट पर वसूली की कहानी भी खूब चर्चा में रही है। जबकि गार्डों की मारपीट से एक पर्यटक की मौत भी काफी चर्चा में रही है।
इस बार नमो घाट पर बनाया गया फ्लोटिंंग जेटी पर चेंजिंंग रूम गायब है। जानकारी में सामने आया है कि वह नमो घाट से बहकर चंदौली तक जा पहुंचा है। लाखों की कीमत की फ्लोटिंंग जेटी पर बना चेंजिंंगरूम कैसे गया इसकी जानकारी किसी को नहीं, जबकि सुरक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। पर्यटकों की भीड़ भी आती है लेकिन चेंजिंंगरूम बह गया इसकी चिंंता सुरक्षा में लगे लोगों को नहीं।
नमो घाट का चेंजिंग रूम बहकर चंदौली जा पहुंचा और वह किनारे पर लगा है जहां बच्चों के लिए वह खेल का साधन बना हुआ है। पड़ाव के पास बहकर पहुंचा तो यह किनारे पर जा लगा। प्रशासनिक बदहाली की अजीबोगरीब तस्वीर चंदौली में देखने को मिल रही है क्योंकि इसकी निगरानी चंदौली में भी प्रशासन की ओर से नहीं की गई।
वाराणसी के नमो घाट पर श्रद्धालुओं के लिए लाखों रुपये की लागत से लगाया गया चेंजिंग रूम गंगा की तेज धारा में बहकर छः किलोमीटर दूर चंदौली के बहादुरपुर, कुंडा खुर्द और कुंडा कलां गांवों में पहुंच गया। करीब तीन माह पूर्व तीन-चार टुकड़ों में बहकर आए इस फ्लोटिंग जेटी के चेंजिंंग रूम की अब तक कोई सुधि लेने नहीं पहुंचा है। स्थानीय युवकों के अनुसार फ्लोट को देखने और उस पर फोटो खींचने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। वहीं बच्चे भी इस पर खेलने के लिए जा रहे हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने और धारा के रौद्र रूप को देखते हुए यह स्थिति हादसे को न्योता दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसे सुरक्षित स्थान पर नहीं हटाया गया तो किसी दिन बच्चे या अन्य लोग दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। लाखों रुपये के सरकारी संसाधन के इस तरह पड़े रहने से जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जबकि नमो घाट पर पानी कम होने के बाद लोगों की भीड़ आनी शुरू हो चुकी है लेकिन चेंजिंंग रूम लापता है।
