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वाराणसी में ड्र‍िंक पीने के बाद पांच बच्चे डायरिया की चपेट में, सीएचसी से चार प्रभावित बच्चों को जिला अस्पताल रेफर क‍िया

By Anil kumar singhEdited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 05 Oct 2026 07:23 PM (IST)

वाराणसी के रुस्तमपुर गांव में एक्सपायर्ड पेय पदार्थ पीने से पांच बच्चे उल्टी-दस्त के शिकार हो गए। चार बच्चों को ...और पढ़ें

वाराणसी में एक्सपायर्ड ड्रिंक पीने से पांच बच्चे बीमार, चार जिला अस्पताल रेफर।

वाराणसी में एक्सपायर्ड ड्रिंक पीने से पांच बच्चे बीमार, चार जिला अस्पताल रेफर।

HighLights

  1. रुस्तमपुर गांव में पांच बच्चे एक्सपायर्ड ड्रिंक से बीमार हुए।

  2. चार बच्चों को सीएचसी नरपतपुर से जिला अस्पताल भेजा गया।

  3. स्वास्थ्य विभाग ने गांव में पेय पदार्थ सुरक्षा पर जागरूकता फैलाई।

जागरण संवाददाता (चिरईगांव) वाराणसी। नवशहरी गांव रुस्तमपुर की अनुसूचित बस्ती में गांव की ही दुकान से पेयपदार्थ पीने वाले दो परिवारों के पांच बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत पर इलाज हेतु सोमवार को एम्बुलेंस से परिजन सीएचसी नरपतपुर ले गये। जहां पर चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद चार बच्चों को जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं एक बच्चे का इलाज परिजन स्थानीय स्तर पर करा रहे हैं।

डायरिया की सूचना मिलते ही पीएचसी प्रभारी चिरईगांव डॉ. मनोज कुमार वर्मा और वरिष्ठ स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कमलसेन मौके पर जाकर इस पास वालों को जागरूक कर ऐसे पेयपदार्थ नहीं पीने की सलाह दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार रुस्तमपुर अनुसूचित बस्ती के दिलीप के पुत्र अशोक (12 वर्ष), आनंद (9 वर्ष), बेटी जाह्नवी (8 वर्ष), अभय (6 वर्ष) और श्रवण की पुत्री जुली (8 वर्ष) समीप के ही एक दुकान से बीते शनिवार को स्टिंग एनर्जी नामक पेय पदार्थ पी लिया था।

सोमवार को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की समस्या बढ़ जाने पर सुबह लगभग दस बजे 108 नम्बर एम्बुलेंस से सीएचसी नरपतपुर पहुंचे। वहां पर दिलीप के चारों बच्चों का प्राथमिक उपचार के उपरांत जिला अस्पताल हेतु रेफर कर दिया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजनाथ का कहना है कि प्रभावित बच्चों का इलाज चल रहा था। परिजनों ने जिला अस्पताल में इलाज करवाने हेतु रेफर करवा कर ले गये। डाक्टर का कहना था कि बच्चों को डायरिया उल्टी-दस्त की शिकायत थी।

डायरिया की शिकायत पर पीएचसी प्रभारी चिरईगांव डॉ. मनोज कुमार वर्मा और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कमलसेन प्रभावित बच्चों के घर जाकर पीने वाले पेयपदार्थ के बारे में पता किया। तो परिजन गांव के ही स्व. दया साव की दुकान से पेयपदार्थ खरीदना बताया। पेयपदार्थ के उपयोग तिथि बीत जाने पर भी पीने से यह स्थिति बच्चों की हुयी। इसके लिए दुकानदार ने बच्चों से पैसे भी लिये थे।

पीएचसी प्रभारी ने बताया कि बस्ती वालों को पेयपदार्थ बच्चों को नहीं पिलाने की सलाह दी। किसी भी पैकेट बंद उत्पाद को उपभोग से पूर्व उसकी निर्माण तिथि और अंतिम उपभोग तिथि देखकर ही खरीदने एवं उपयोग करने की सलाह दी। अगर किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत हो तो वह 108 नम्बर एम्बुलेंस से पीएचसी या सीएचसी पर पहुंचकर इलाज कराये।