तीन नए बिजली घर बनेंगे, बदले जाएंगे पुराने तार

-बनारस की बिजली व्यवस्था के लिए 524 करोड़ मंजूर

-रिवैम्प्ड योजना के तहत कराए जाएंगे सभी कार्य

-गांवों के जर्जर तारों को बदलने पर 88 करोड़ खर्च होंगे

जागरण संवाददाता, वाराणसी : काशी में बिजली व्यवस्था बेहतर करने के लिए शासन ने 524 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। पावर कारपोरेशन की ओर से लखनऊ में टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रिवैम्प्ड योजना के तहत यह सभी कार्य कराए जाएंगे।

रिवैम्प्ड योजना के तहत जो कार्य प्रस्तावित हैं उनमें चितरंजन पार्क दशाश्वमेध, बड़ी गैबी पार्क, रविदास मंदिर सीरगोवर्धनपुर में तीन सब स्टेशन बनने हैं। वहीं शहर के अलग-अलग हिस्से में बने 15 फीडरों का लोड बांटा जाएगा। करीब 6446 किलोमीटर की आरमर्ड केबल बिछाई जाएगी जिसमें 1323 किलोमीटर थ्री फेज होगा। खुले तार को बंच केबल से रिप्लेस करेंगे जिस पर 369.37 करोड़ खर्च होंगे। पूरे जिले में करीब 5940 किलोमीटर तार डाले जाएंगे। गांवों के जर्जर तारों को बदलने पर 88 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वहीं 33 केवीए की 200 किलोमीटर तक तारों को अपग्रेड करने पर 13.36 करोड़ खर्च होंगे। आइटी पर 39 करोड़ खर्च करके कंप्यूटर से लगायत अन्य कार्यालय कामकाज को सुगम व डिजिटल करने के साथ ही केंद्रीकृत करेंगे ताकि एक क्लिक पर हर उपभोक्ता का विवरण मिल जाए।

शासन ने रिवैम्प्ड योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जनपद में 523.97 करोड़ के काम होंगे। जर्जर तार-पोल बदलने के साथ ही पूरी बिजली व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। योजना को आकार लेने के साथ ही आगामी पांच साल तक बिजली जरूरतें पूरी हो जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।

दीपक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण मंडल द्वितीय

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