चंदौली, जेएनएन। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले गिरोह के दो सदस्य रविवार को पुलिस व क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गए। उनके पास से 38 लोगों के पासपोर्ट, फर्जी इंप्लायमेंट वीजा व टिकट बरामद किया गया। एसपी संतोष कुमार सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन में मामले का खुलासा किया। 

बताया कि आजमगढ़ जनपद निवासी माता प्रसाद ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेकर फर्जी वीजा व फर्जी टिकट दिए जाने की शिकायत की थी। इसको लेकर पीडीडीयू नगर कोतवाली में मुकदमा भी पंजीकृत था। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस जालसाजों को पकडऩे के प्रयास में लगी थी। मामले की तफ्तीश शुरू हुई तो पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। साक्ष्यों के आधार पर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने वाराणसी के सारनाथ थाने के मोहनसराय गांव निवासी रामचंद्र साहनी व गाजीपुर जनपद के शादियाबाद थाना के परेवा गांव निवासी धनंजय यादव को पड़ाव से गिरफ्तार कर लिया।

उनके पास से 38 पासपोर्ट, छह फर्जी वीजा व टिकट बरामद किया गया। कहा, जालसाजों ने पड़ाव में अपना दफ्तर खोल रखा था। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से डेढ़ से दो लाख रुपये लेते थे। वीजा न बनने पर फर्जी वीजा व टिकट देकर युवाओं को दे देते थे। पीडि़त माता प्रसाद से भी नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये लिए थे। लेकिन वीजा और टिकट की व्यवस्था नहीं हो पाई तो फर्जी टिकट व वीजा दे दिया।  

Posted By: Abhishek Sharma