वाराणसी, जेएनएन। दी इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया की वाराणसी शाखा की ओर से शनिवार को "रीप्लाईएस टू नोटिस अंडर जीएसटी एंड फैक इन्वाइसिंग” विषय पर वेबिनार का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य वक्ता सीए अंकित सोमानी ने बताया कि रीप्लाईएस टू नोटिस अंडर जीएसटी एंड फैक इन्वाइसिंग एक नकली चालान है, जो गैर-अनुपालन जीएसटी चालान को संदर्भित करता है। इसका अर्थ है कि कोई भी चालान जो सीजीएसटी अधिनियम और नियम-2017 के प्रावधानों का पालन नहीं करता है।

इसके दो प्रकार बिना किसी आपूर्ति के चालान और आपूर्ति के साथ चालान हैं। अगर कोई कारोबारी नकली चालान का उपयोग करता है, इनपुट टैक्स क्रेडिट अर्जित करता है तो यह अवैध है। इसलिए सीजीएसटी कानून के तहत वह दंड के लिए उत्तरदायी है। सेामानी ने बताया कि नकली चालान तैयार करना और उसका व्यापार करना एक आपराधिक गतिविधि है। यह अपराध कानून के तहत अधिकतम पांच साल तक के कारावास के साथ-साथ अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट की वसूली और जुर्माना के साथ दंडनीय है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर के अध्यक्ष सीए नीलेश गुप्ता रहे। अध्यक्षता वाराणसी शाखा के वरिष्ठ सदस्य सीए गंगेश्वर धर दुबे ने की एवं अतिथियों का स्वागत शाखा अध्यक्ष सीए अमित कुमार गुप्ता, संचालन उपाध्यक्ष सीए सोम दत्त रघु व धन्यवाद ज्ञापन रंजीत कुमार पांडेय ने किया। वेबिनार में सीए रवि कुमार सिंह, अरुण कुमार गुप्ता, शंभुनाथ त्रिवेदी, आलोक शिवाजी, विनोद कुमार गुप्ता, मनोज कुमार अग्रवाल आदि शामिल थीं।

भाषण प्रतियोगिता में निहारिका व आयुषी अव्वल : विश्व पर्यावरण माह के तहत काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में "पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भूमिका" विषयक भाषण प्रतियोगिता का आनलाइन आयोजन शनिवार को किया गया। इसमें निहारिका शुक्ला और आयुषी को प्रथम रहीं। प्रीति और निर्मलकांत पांडेय को द्वितीय और शिवांगी श्रीवास्तव, सिमरन सिंह तथा प्रगति कुमारी को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। भाषण प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि भारत सरकार युवा कार्यक्रम मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक डा. अशोक सोती ने युवाओं को संबोधित किया। इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डा. उपेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।अतिथियों का स्वागत इकाई के कार्यक्रम समन्वयक डा. बाला लखेंद्र और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डा. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने किया।

Edited By: Saurabh Chakravarty